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शिक्षा सत्र शुरू, लेकिन नहीं पहुंची पुस्तकें

-कई स्कूलों में पुस्तकें नहीं पहुंचना परेशानी का सबब बना

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शिक्षा सत्र शुरू, लेकिन नहीं पहुंची पुस्तकें

-कई स्कूलों में पुस्तकें नहीं पहुंचना परेशानी का सबब बना

श्रीगंगानगर.

राजकीय विद्यालयों का शिक्षा सत्र तो शुरू हो चुका है, लेकिन अब भी कई सरकारी विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंचना परेशानी बना हुआ है। जिले में पाठ्य पुस्तकों का वितरण राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय द्वारा किया जाता है। इस कार्यालय को इन दिनों लगातार नि:शुल्क वितरण के लिए पाठ्य पुस्तकें मिल रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कई स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं।


पंजाबी और संस्कृत में परेशानी

जिन विषयों में पुस्तकों को लेकर ज्यादा परेशानी है उनमें पंजाबी और संस्कृत शामिल हैं। पंजाबी विषय की पुस्तकें कक्षा नौ से बारह तक किसी भी कक्षा में अब तक प्राप्त नहीं हुई हैं। इसके अलावा संस्कृत की पुस्तकें भी अब तक कुछ स्कूलों में नहीं पहुंची हैं।


श्रीगंगानगर ब्लॉक में पुस्तकों का टोटा

श्रीगंगानगर ब्लॉक में पुस्तक वितरण से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब तक श्रीगंगानगर क्षेत्र में ही कक्षा ग्यारह और बारह की लेखाशास्त्र और व्यावसायिक अध्ययन, कला वर्ग में इतिहास, अर्थशास्त्र, भूगोल, भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान, कृषि में रसायन विज्ञान, कक्षा नौ और दस के लिए सामाजिक विज्ञान आदि की पुस्तकें मांग से कम पहुंची हैं। ऐसे में पुस्तकें लेने आए स्कूलों के प्रतिनिधियों का यह उपलब्ध नहीं हो पाई। पदमपुर क्षेत्र के एक शिक्षक ने भी उनके स्कूल से जुड़े नोडल कार्यालय को अब तक पुस्तकें नहीं मिलने की बात कही।


बरसात के कारण अटकी पुस्तकें

इलाके में पिछले दिनों आई बरसात के कारण पुस्तकों से लदे ट्रक श्रीगंगानगर तक नहीं पहुंच पाए हैं। श्रीगंगानगर में कक्षा नौ से बारह तक की पंजाबी की पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। इसके अलावा कुछ अन्य पुस्तकों की भी कमी है। पुस्तकें उपलब्ध होते ही इन्हें स्कूलों में पहुंचा दिया जाएगा।
-सुरेंद्र पुरोहित, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल, श्रीगंगानगर

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