एसईसीएल में नौकरी लगाने के नाम पर आधा दर्जन लोगों से 2 लाख से अधिक की ठगी, शातिर आरोपी गिरफ्तार

Swindle: नौकरी (Job) नहीं लगने के बाद ठगी के शिकार लोगों ने थाने में दर्ज कराई थी शिकायत, जगह बदल-बदल कर रहता था आरोपी

By: rampravesh vishwakarma

Published: 24 Sep 2020, 07:38 PM IST

बिश्रामपुर. एसईसीएल (SECL) में नौकरी लगाने के नाम पर आधा दर्जन युवाओं से 2 लाख से भी अधिक रुपए ठगी (Swindle) करने वाले आरोपी को सूरजपुर जिले की जयनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले की शिकायत ठगी के शिकार युवाओं ने थाने में दर्ज कराई थी। एसपी के निर्देश पर पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।

आरोपी इतना शातिर था कि वह पुलिस से बचने जगह बदल-बदलकर रहता था। पुलिस ने आरोपी को धारा 420 के तहत गिरफ्तार (Accused arrested) कर जेल भेज दिया है।

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8 सितंबर को जयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम करतमा निवासी विनोद दास ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 मई 2018 को ग्राम राजापुर के लकड़ापारा निवासी शिवरतन प्रजापति ने एसईसीएल में नौकरी लगाने के नाम (Job in SECL) पर उससे 35 हजार रुपए तथा सुरेंद्र सोनवानी से 70 हजार रुपए लिए हैं।

एसपी राजेश कुकरेजा (Surajpur SP) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिया। पुलिस ने जब जांच शुरु की तो पता चला कि आरोपी शिवरतन जगह बदल-बदल कर रहता है। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने उदयपुर में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस ने आरोपी शिवरतन प्रजापति पिता स्व. ललका राम उम्र 50 वर्ष निवासी राजापुर, लकरापारा, हाल मुकाम पउआपारा विश्रामपुर को धारा 420 के तहत उसे गुरुवार को जेल भेज दिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपक पासवान, एएसआई विराट विशी, आरक्षक अनिल, सुरेश तिवारी व शिव राजवाड़े शामिल रहे।

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नौकरी लगाने मांगे थे 4 लाख
आरोपी शिवरतन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि प्रार्थी विनोद दास से वर्ष 2013 से 2015 तक कमलपुर अदानी कोल साईडिंग में गार्ड की नौकरी के दौरान जान-पहचान हुई थी। गार्ड की नौकरी छोडऩे के बाद एसईसीएल के एक कंपनी में गार्ड का काम करने के दौरान 2018 में विनोद दास मिला, जिसे एसईसीएल में 4 लाख रुपए में नौकरी लगाने की बात कही थी।

इसके बाद विनोद से उसने 30 हजार रुपए तथा उसके दोस्त सुरेन्द्र से 60 हजार रुपए, सतीश रजक से 30 हजार रुपए तथा सतेन्द्र राजवाड़े से 30 हजार रुपए लेना स्वीकार किया।

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अपने दामाद को भी नहीं छोड़ा
आरोपी इतना शातिर है कि उसने ग्राम सांवरटिकरा के एक व्यक्ति, जिसकी जमीन एसईसीएल में फंसी थी, उसी जमीन के कागजात को दिखाकर नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लिए (Swindle) थे। उसमें से अपने हिस्से की रकम रखकर अपने एक सहयोगी मित्र के खाते में डलवा दिया था।

यही नहीं आरोपी ने अपने दामाद की नौकरी के लिए भी पैसा लेकर अपने सहयोगी के साथ बंटवारा किया। पुलिस को उसने बताया कि धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम को जिस सहयोगी के खाते में जमा किया था, अगस्त 2020 में उसकी मृत्यु हो गई है तथा अपने हिस्से में प्राप्त रकम को उसने खर्च कर दिया है।

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