SURAT NEWS: पितरों के प्रति प्रकट होने लगी भक्ति-आस्था

तापी नदी पर बने कई ब्रिजों पर कौओं को कौ ग्रास देते नजर आने लगे श्रद्धालु, तर्पण-पूजन के भी होने लगे आयोजन

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 22 Sep 2021, 09:50 PM IST

सूरत. भाद्रपद पूर्णिमा सोमवार से प्रारम्भ हुए सोलह दिवसीय श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों के मान-मनुहार के क्रम में तेजी आने लगी है। श्रद्धालुजन ज्ञात-अज्ञात पितरों के प्रति तर्पण-अर्पण के साथ अपने श्रद्धा भाव प्रकट करना शुरू कर दिए हैं। वहीं, श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होने के साथ ही शुभकार्यों पर रोक लग गई है।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाने के साथ ही दस दिवसीय गणपति महोत्सव प्रारम्भ हो गया था और इस दौरान सूरत समेत दक्षिण गुजरात में जगह-जगह गणपति बप्पा मोरिया...की धूम मची रही। दस दिन तक विघ्नहर्ता की पूजा-आराधना के बाद अनंत चतुर्दशी रविवार को गणपति बप्पा की विदाई के अगले दिन सोमवार से ही सोलह दिवसीय श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो गई और भाद्रपद पूर्णिमा का पहला श्राद्ध कर्म श्रद्धालुओं ने किया। इसके बाद श्राद्ध पक्ष अश्विन कृष्णपक्ष की तिथियों के प्रमाण से लगातार जारी है और यह अश्विन अमावस्या 6 अक्टूबर तक यूं ही चलता रहेगा। अश्विन अमावस्या को सर्वदेव पितृ अमावस्या का पर्व मनाते हुए श्रद्धालु सभी ज्ञात-अज्ञात पितरदेव के प्रति तृप्ति व भक्ति के विभिन्न आयोजनों में भाग लेंगे। इसके बाद अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्र पर्व में मां भगवती की आराधना का दौर प्रारम्भ हो जाएगा जो कि 15 अक्टूबर विजयादशमी पर्व तक जारी रहेगा।
इधर, श्राद्ध पक्ष के दौरान श्रद्धालु पितरदेव के प्रति तृप्ति व भक्ति के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने लगे हैं। इसी सिलसिले में शहर में तापी नदी किनारे स्थित विभिन्न मठ, मंदिर, आश्रम आदि स्थलों के अलावा विभिन्न घाटों पर तर्पण कर्म के आयोजन होने लगे हैं। वहीं, श्रद्धालु गौशाला में गाय को हरी घास, चारा, गुड़, लापसी परोस रहे हैं तो कौओं को भी कौ ग्रास के लिए नदी व शहर में बने ब्रिजों पर खूब आमंत्रित किया जा रहा है।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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