
Budget focused on the farmer and the poor
टीकमगढ़. केंन्द्र सरकार का बजट इस बार किसान एवं गरीबों पर केन्द्रित दिखाई दे रहा है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार ने बजट में कई प्रावधान किए हैं। वहीं गरीब वर्ग तक इलाज पहुंचाने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज देने का प्रावधान किया है। वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी बजट का विशेष प्रावधान किया गया है। लेकिन महंगाई पर लगाम लगाने जहां कोई खास प्रयास नही किए गए है वहीं टैक्स स्लैब में किसी प्रकार की छूट न देकर नौकरी पेशा वर्ग को मायूस किया है। इसके साथ ही बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान एवं सब्जियों के दाम बढ़ाने से युवाओं एवं महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है।
इन्हें सुनकर पांच मिनट में समझ में आ जाएगा सार
सरकार को इस बजट में विशेष राहत का प्रावधान करना था, पिछले एक साल से देश में कारोबार ठप पड़ा हुआ है। बजट से निराशा लगी है।
किरण जैन
मोबाइल और टीवी के दाम बढ़ाकर सरकार ने हम युवाओं को निराश किया है।
आकृति जैन
किसानों एवं गरीबों के लिए किए गए विशेष प्रावधान से इस वर्ग को विशेष लाभ होगा। हमारा देश कृषि प्रधान देश है। ऐसे में कृषि के लिए विशेष पैकेज की आवश्यकता है।
अरविंद जैन
बजट में कुछ आवश्यक चीजों के दाम बढ़ाए गए हैं। लेकिन कृषि, युवाओं और उद्योगों के लिए विशेष प्रावधान हुए हैं। इससे भविष्य में सुखद परिणाम सामने आएंगे।
क्रांति जैन
बजट में सब्जियों के दाम बढ़ा दिए है। वैसे ही गैस सिलेण्डर सहित अन्य चीजों में महंगाई से परेशान है। इसके लिए सरकार को विचार करना था।
पुष्पा जैन
सरकार ने बजट में वृद्धों को राहत दी है। बचत पर ब्याज की सीमा बढ़ाने के साथ ही एलआईसी के सीनियर सिटीजन बचत खाते में भी जमा की सीमा बढ़ा दी है। इससे हमें फायदा होगा।
ताराचंद्र जैन
युवाओं ने कहा रोजगार के लिए हों विशेष प्रावधान
बजट में इस बार भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कहीं गई है। देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है। इसके लिए विशेष और स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए। हर बार बजट में कोरी घोषणाएं की जाती है।
जुबेर खान
नवीन उद्योग स्थापित करने विशेष प्रावधान है। लेकिन इस पर सख्ती से अमल होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए बैंक इतने नियम बताते है कि युवा परेशान हो जाते है। इस पर ध्यान देना होगा।
सनी
बजट से एक आशा जगी है। युवाओं के लिए जो रोजगार के प्रावधान किए गए है, सरकार को उस पर सख्ती से काम करना होगा। यदि इन पर सही तरीके से अमल होता है तो युवाओं को बहुत राहत होगी।
अजीम
महंगाई : ठोस कदम नहीं
महिलाओं का मानना है कि यह मौजूदा सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट है। इससे जैसी उम्मीद थी, वैसा फायदा नहीं दिख रहा। किसानों के लिए किए गए विशेष प्रावधान से अन्नदाता की हालत में सुधार होने के साथ ही देश की आर्थिक नींव भी मजबूत होगी, लेकिन सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने विशेष प्रयास नहीं किए हैं। सब्जी सहित अन्य आवश्यक बस्तुओं के दाम बढ़ाकर सरकार ने गृहस्थी पर बोझ बढ़ाया है।
बजट से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। गरीबों तक अच्छा इलाज पहुंचेंगा।
यशा सिरोठिया
इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए थे। यह आज की आवश्यकता है।
पिंकी कठैल
तम्बाकू उत्पादों की कीमतों में वृद्धि अच्छा फैसला है, पर रसोई को लेकर बजट खास नहीं।
पूनम जायसवाल
सरकार ने कुछ आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए था।
सिद्धिका नायक
बजट के होंगे दूरगामी परिणाम
बजट में किसान और गरीबों के लिए किए गए प्रावधान के अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। देश में किसानों के संपन्न होने से पूरा देश आर्थिक समृद्धि के मार्ग पर बढ़ेगा। वहीं गरीबों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होने से उनके ऊपर से बड़ा आर्थिक बोझ कम होगा। इन दोनों चीजों के दूरगामी परिणाम देश की आर्थिक स्थिति पर दिखाई देंगे। सरकार ने बजट में नौकरियों के लिए जो प्रावधान किया है, यदि उसका आधा भी एक वर्ष में उपलब्ध हो सका तो सरकार की बड़ी उपलब्धि होगी। युवाओं को भी उद्योग क्षेत्र में अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर यह बजट देगा। इस बजट में कुछ और प्रावधान कर लोगों को और भी राहत दी जा सकती थी। इस बजट से सरकार लोगों से विशेष आस लगाए हुए थी।
हर्षेश सोनी,
कर सलाहकार
बजट देश के अन्नदाता किसान और गरीब वर्ग पर केन्द्रित है। इस बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। आगामी समय में इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे।
केके श्रीवास्तव, विधायक, टीकमगढ़
बजट में किसान, गरीब, युवाओं के लिए कुछ नहीं किया गया है। बजट भी कोरी भाषणबाजी की तरह है।
यादवेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक, कांग्रेस, टीकमगढ़
बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। इस बजट से कृषि क्षेत्र में क्रांति आएंगी।
वीरेन्द्र कुमार, केन्द्रीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास
&बजट में मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह पहली बार है। इससे छोटे और मझोले उद्यमियों को बेहतर अवसर मिलेंगे। बेरोजगारी खत्म करने यह प्रभावी कदम है।
राजशेखर पाण्डे, महाप्रबंधक, उद्योग केन्द्र, टीकमगढ़
व्यापारी की उम्मीदें टूटीं, हमारे लिए कुछ नहीं..
ब जट को लेकर व्यापार जगत मायूस बना हुआ है। प्रॉपर्टी कारोबारी, बस ऑपरेटर, सराफा व्यापारी सहित अन्य कारोबारियों को इससे निराशा हाथ लगी है। प्रॉपर्टी करोबारी प्रतीक खरे, ब्रजेन्द्र तिवारी, आशाराम विश्वकर्मा, हेमंत श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, प्रणव जयसवाल गुड्डू आदि का कहना था कि केन्द्र सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के बाद से वैसे ही व्यापार पूरी तरह से बंद हो चुका था। इस बजट से आस थी कि व्यापार को मंदी से उबारने के प्रयास होंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार का यह अंतिम पूर्णकालिक बजट था। इससे लोगों को खासी उम्मीदें थीं, लेकिन शहर के ज्यादातर व्यापारियों ने इस बजट को जुमलेबाजी का बजट करार दिया। व्यापारियों का कहना था कि बजट में प्रावधान करने मात्र से व्यापार नहीं बढ़ता है। इसके लिए सरकार को सकारात्मक सोच के साथ विशेष प्रावधान करने चाहिए थे। बजट मिशन 2022 को केन्द्रित कर बनाया गया है। इस बजट से प्रॉपर्टी, सराफा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित तमाम कारोबारों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सरकार ने इस करोबार की ओर किसी प्रकार का ध्यान नहीं रखा है।
Published on:
02 Feb 2018 05:50 pm
बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
