
104 साल की बुजुर्ग महिला से सीखें सेहत का मंत्र, आज भी निकालती है धर्मशाला का झाड़ू
उनियारा . ईश्वर के प्रति आस्था और मन में विश्वास हो तो आंतरिक शक्ति ²ढ़ हो जाती है। उनियारा की 104 वर्षीय महिला में भी कुछ ऐसी ही जिजीविषा है। जिसने इस उम्र में भी 2 दिन का उपवास रखकर भूख को दूर कर 48 घंटे तक बिना खाए रहकर ईश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा जताई। ये महिला है मोतिया देवी पत्नी श्री नारायण जैन जो कि उम्र के ऐसे पड़ाव पर आ चुकी हैं।
जब इंसान को दूसरे व्यक्ति के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन 104 की साल की इस बुजुर्ग महिला में आज भी काम करने का इतना जज्बा है कि वह सुबह उठकर अपने समाज के स्थानक जो की धर्मशाला के रूप में है उसका प्रतिदिन झाड़ू निकालती है, एवं वहां कार्य करती रहती है। काम करने का उसका जज्बा ऐसा है कि वह अभी भी तीन मंजिल छत पर चढकऱ कार्य कर नई पीढ़ी को एक मिसाल देती हैं।
ये अच्छी सेहत का मंत्र
वे कहती हैं कि अगर मन में सच्ची श्रद्धा और ईश्वर के प्रति आस्था है तो आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे, लेकिन उसके पीछे स्वस्थ रहने का कारण वह बताती है कि प्रतिदिन सुबह जल्दी उठना और हल्का भोजन लेना और समय पर सोना चाहिए। अपने दिनचर्या के कार्य स्वयं करना चाहिए। दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मन में हमेशा सकारात्मक सोच रखना चाहिए।
नए दांत आ गए: बुजुर्ग महिला के नए दांत आ चुके हैं और नए दांत से वह अपना भोजन सही तरीके से चबाती हैं। वह कहती है कि नए दांत आने से उसको भोजन चबाने में कोई तकलीफ नहीं होती।
क्यों रखा 2 दिन का उपवास
मोतिया देवी के सुपुत्र बुद्धि प्रकाश पोरवाल बताते हैं कि जैन पोरवाल समाज में वर्तमान समय में धार्मिक पर्व चल रहे हैं, जिन्हें क्षमा याचना पर्व भी कहते हैं। इसी के तहत उसकी मां ने दो दिन का उपवास रखा है जिसमें 48 घंटे तक केवल पानी ही पीते हैं और कुछ भी नहीं खाते।
Published on:
26 Aug 2023 07:49 pm

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