
टोंक में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ एकजुट हुए लोग, दो जनों को पकड़ किया पुलिस के हवाले
टोंक. नशा मुक्ति के लिए भले ही जिला प्रशासन बड़ी-बड़ी बातें करता हो, लेकिन जमीनी हकीकत काफी अलग है। धड़ल्ले से नशे का कारोबार चल रहा है, लेकिन अब जागरूक लोग इसे बंद कराने के लिए एकजुट हो गए हैं। इसकी शुरुआत शहर के ताल कटोरा क्षेत्र के लोगों ने कर दी है।
इसके लिए उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों की बैठक सामूदायिक भवन में की। इसमें कोतवाली थाना प्रभारी अशोककुमार मीना तथा कांग्रेस अभाव अभियोग विभाग के प्रदेश सहसंयोजक सऊद सईदी को आमंत्रित किया गया। लोगों ने कहा कि नशे के चलते कई परिवार बिखर चुके हैं। कई परिवारों की माली हालत बिगड़ चुकी है।
नशे में फंसे युवा बेरोजगार होकर अपराध कर रहे हैं। उन्हें नशे से दूर करने के लिए क्षेत्र के लोगों ने मुहीम छेड़ी है। इसमें पहले उन्होंने घर-घर जाकर नशा करने वाले लोगों को चिह्नित किया। बाद में उन्हें समझाइश की गई। अब तक दो दर्जन लोगों को नशा छुड़वा दिया है। कई लोगों को नशा छुड़वाने के लिए कार्य किया जा रहा है।
वहीं क्षेत्र के लोगों की टीम नशा बेचने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। पहले उन्होंने नशा बेचने वालों से समझाइश की, लेकिन नहीं मानने वाले दो जनों को कोतवाली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
बैठक में क्षेत्र के आसिफ खान, मेहबूब मियां, फय्याज अहमद, गफूर शेरा, जाकिर मियां, राकिब, साइद तथा शरीफ समेत अन्य ने बताया कि नशे की लगातार शिकायतें पुलिस तथा प्रशासन से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि कई लोग नशे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उनके परिवार की स्थिति इलाज कराने लायक भी नहीं है। ऐसे में बैठक में निर्णय किया गया कि क्षेत्र के लोग नशे के रोगियों का इलाज कराएंगे। इसकी राशि जनसहयोग से एकत्र की जाएगी।
इसके लिए कई लोगों ने बैठक में राशि देने को भी कहा। इधर, टोंक विकास मंच रेल संघर्ष समिति के जिला संयोजक मोहम्मद अहमद ने भी जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर में बिक रहे नशे पर रोक लगाने तथा नशा मुक्ति केन्द्र स्थापित करने की मांग की है।
Published on:
07 Sept 2019 01:55 pm

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