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प्रशासन ने नहीं की जांच, पंद्रह साल में तीन आंगनबाड़ी केंद्र हुए खंडहर

स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्माणाधीन भवनों में लगाई जाने वाली निर्माण सामग्री की जांच तक नहीं होने के कारण भवन कुछ ही समय में नकारा साबित हो जाते हैं।

टोंकJun 27, 2024 / 07:00 pm

pawan sharma

Anganwadi center

लाखों की लागत से बना आंगनबाड़ी केंद्र संख्या दो खंडहर में तब्दील हुआ।

  • स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्माणाधीन भवनों में लगाई जाने वाली निर्माण सामग्री की जांच तक नहीं होने के कारण भवन कुछ ही समय में नकारा साबित हो जाते हैं।
कस्बे के तीन आंगनबाड़ी केन्द्र खंडहर में तब्दील हो गए। महज पंद्रह वर्ष के अंतराल में अलग-अलग जगह लाखों की लागत के तीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हो चुके हैं। एक भवन तो बनने के महज डेढ़ से दो वर्ष के बीच ही धराशाही हो गया। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कार्यकारी एजेंसी व संवेदक के खिलाफ कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं की गई। इससे कस्बे में संचालित सभी सात आंगनबाड़ी केंद्र पिछले कई वर्षों से किराए के भवन में संचालित करने पड़ रहे है। जहां जगह के अभाव के साथ ही शौचालय व अन्य असुविधाओं का अभाव बना हुआ।
वन माता मंदिर

वन माता मंदिर के करीब बना आंगनबाड़ी केंद्र संख्या एक बनने के दो वर्ष के अंतराल में में ही छत धराशाही हो गई। दीवारों में दरारें आ गई। नौनिहालों के जीवन के $खतरे को मध्य नजर रखते हुए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र को लगभग पांच वर्षों से दूसरी जगह किराए के भवन में संचालित करना पड़ रहा है।
केन्द्र संख्या द्वितीय

मेघवाल मोहल्ले में बना आंगनबाड़ी केंद्र संख्या द्वितीय। जो बनने के एक वर्ष बाद ही बारिश में छत टपकने लगी। भवन की दीवारों में दरारें आने लगी। भवन की पर्स में गड्ढे पड़ गए। धराशाही होने के डर से बच्चों को अन्यत्र किराए के भवन में पढ़ाना पड़ रहा है।
केन्द्र संख्या छह

गांव के छत्तरी चौराहे पर फतवारी मंदिर परिसर में बनाया गया आंगनबाड़ी केंद्र संख्या छह। जहां दो वर्ष में ही पर्स उखड़ गई। भवन के चारों तरफ आवारा पशुओं का जमावड़ा लगने लगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही परेशान रहते बच्चों को लेकर यह केंद्र भी अन्यत्र किराए के भवन में संचालित करना पड़ रहा है।
अब नए निर्माणधीन केंद्र की नहीं जांच

कस्बे में सरकार की ओर से बने तीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनने के बाद महज पांच से पंद्रह वर्ष के अंतराल में नकारा साबित हो चुके हैं। इन दिनों फिर से चौथा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य रैगर बस्ती में करवाया जा रहा है। जहां उच्चाधिकारियों की ओर से निर्माण सामग्री की जांच तक नहीं की जा रही है। जिससे लोगों को फिर से घटिया निर्माण सामग्री की आशंका सताने लगी है।
ऐसा है तो राजमहल में जितने भी विकास कार्य इन दिनों हुए हैं। उसकी जांच कराएंगे। घटिया निर्माण सामग्री व नियमविरुद्ध कार्य किए गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
रानू इंकिया, विकास अधिकारी पंचायत समिति देवली

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