Ajmer discome: तूफान ने बिजली तंत्र को बुरी तरह से किया प्रभावित, सलूम्बर और झाड़ोल में करंट की चपेट में आए कर्मचारी
चक्रवाती तूफान ने बिजली तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है। तूफान के असर में तीसरे दिन सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आई। जहां प्रभावित क्षेत्र गोगुन्दा, कोटड़ा और झाड़ोल में कई गांव अंधेरे में डूब गए, वहीं शहर में भी बड़ी संख्या में क्षेत्र बिजली विहिन रहे। रविवार शाम तक शहर में एक हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई। बिजली शिकायतें दूर करने के दौरान सलूम्बर और झाड़ोल में कार्मिक करंट की चपेट में भी आए।
शहर के अशोकनगर, गिर्वा, सविना, सेक्टर 4 में बिजली पोल गिरे। फॉल्ट से उदयपुर शहर में मधुबन, अम्बामाता, सविना, सेक्टर-4 सबडिवीजन के अधीन आने वाली कॉलोनियों में बिजली बंद की समस्या बहुत ज्यादा रही। रविवार शाम तक शहर में दर्ज शिकायतों में से 40 फीसदी का समाधान नहीं हो पाया। ऐसे में लोगों को रविवार रात को भी बिना बिजली के रहना पड़ा। करीब 200 मकान ऐसे हैं, जहां लगातार बरसात के कारण करंट फैलने के कारण तीसरे दिन भी बिजली चालू नहीं की जा सकी।
चार सौ पोल और 80 ट्रांसफार्मर गिरे
हवाओं के साथ बरसात के कारण गोगुन्दा, कोटड़ा, झाड़ोल, सलूम्बर, कुराबड़ क्षेत्र की बिजली लाइनों में भारी नुकसान हुआ है। बीते तीन में 400 से अधिक पोल गिरे, वहीं 80 से ज्यादा ट्रांसफार्मर धराशाही हुए। फाल्ट से प्रभावित लाइनों से करीब 85 गांवों में बिजली गुल हो गई। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1200 शिकायतें दर्ज की गई।
एफआरटी आई काम
शहर के सेक्टर-4 और सविना में हाल ही में एफआरटी (फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम) तैनात की गई थी। ऐसे में बरसात के कारण तीन दिन में आई शिकायतें दूर करने में काफी मदद मिली। एफआर टीमें 24 घंटे काम कर रही है, जिससे सेक्टर-4 और सविना क्षेत्र में रविवार रात तक शिकायतें कम बची, जबकि बाकी शहर से हुई शिकायतों की संख्या ज्यादा है।