
रोडवेज: रूटों पर बसों को चलाने में हो रही परेशानी।
परिचालकों की जरूरत, है महज 104, इनमें भी 22 बस सारथी
उदयपुर. रोडवेज बसों में परिचालकों की लगातार कमी देखी जा रही है। इस कमी को पूरी करने के लिए बस सारथी लगाए जाते हैं। लेकिन बस सारथियों की कमी के चलते पहले ही कुछ चालकों को परिचालक का काम दे रखा था। ऊपर से इस माह बस सारथियों के रुचि नहीं दिखाने से स्टाफ की कमी आ गई है। ऐसे में शिड्यूल चलाने में भी भारी परेशानी हो रही है। उदयपुर- आगार में 79 शिड्यूल पर बसों का संचालन किया जा रहा है। इन शिड्यूल को चलाने के लिए 128 परिचालकों की आवश्यकता होती हैं, लेकिन 68 ही है। इनमें से कई लंबे रूट की गाडियों में बाहर रहते हैं। लगातार चलने वाले चालकों को अवकाश देने सहित समस्या आ रही है। इसी कमी को दूर करने के लिए 14 चालक और 22 बस सारथी लगाने के बावजूद 104 कर्मचारी ही हो रहे हैं।
31 अटूबर तक रोडवेज में 31 बस सारथी थे। एक नवंबर से रोडवेज ने नियम बदला और रोजाना न्यूनतम 400 किलोमीटर की रनिंग कर दी। ऐसे में 30 शिड्यूल में बदलाव किया। बदले गए शिड्यूल पर परिचालकों ने रुचि नहीं दिखाई और इनकी संख्या घटकर 22 रह गई। पहले से कर्मचारियों की कमी थी, वहीं 9 बस सारथियों की और कमी होने से परेशानी ओर बढ़ गई।
रोडवेज प्रबंधन ने कई परिचालकों को विंडो, इटीएम और अन्य जगहों पर लगाया है। इनमें से कुछ मेडिकल अनफिट है। अचानक कर्मचारियों की कमी होने से प्रबंधन ने विंडो बंद कर वहां लगे कर्मचारियों को फिल्ड में लगा दिया। कुछ फिल्ड में जाने लगे तो कुछ मेडिकल लेकर घर बैठ गए। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
कर्मचारियों की कमी से कई रूटों पर बसों को निरस्त किया जा रहा है। अचानक किसी कर्मचारी के अवकाश लेने से समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में किसी न किसी रूट की बस को निरस्त करना पड़ रहा है। इससे को भी बसों का पता नहीं चल पाता है।
Updated on:
03 Dec 2024 11:20 am
Published on:
03 Dec 2024 11:20 am
