7 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देश के जीआई प्रोडक्ट्स को मिलेगी वैश्विक पहचान

चार दिवसीय महोत्सव शनिवार तक चलेगा। इसकी थीम भारत के जी.आई का व्यवसायिक आकर्षण है।

चार दिवसीय महोत्सव शनिवार तक चलेगा। इसकी थीम भारत के जी.आई का व्यवसायिक आकर्षण है।

चार दिवसीय भारत जीआई महोत्सव शुरू

उदयपुर. एसोचैम और एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से आयोजित “भारत जीआई महोत्सव” बुधवार को टाउन हॉल में शुरू हो गया। चार दिवसीय महोत्सव शनिवार तक चलेगा। इसकी थीम भारत के जी.आई का व्यवसायिक आकर्षण है।

पहले दिन महोत्सव में नीति निर्माता, औद्योगिक लीडर्स, कारीगर और जीआई प्रैक्टिशनर्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह मंच हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, एग्रीकल्चरल और फूड प्रोडक्ट्स सहित भारत के जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआइ) प्रोडक्ट्स की विविधता, विरासत और आर्थिक क्षमता प्रदर्शित करता है।मुख्य अतिथि सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा भारत के जीआइ प्रोडक्ट्स की वैश्विक पहचान और मार्केट एक्सेस बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कारीगरों के उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, मजबूत ब्रांडिंग और आसान बाजार पहुंच से सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और ऐसी इवेंट्स के माध्यम से माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ेस को नीतिगत समर्थन और क्रियान्वयन में सहायता मिल सकती है। महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को मजबूत बनाना और “वोकल फ़ॉर लोकल” को बढ़ावा देना है।