5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिगरेट बीड़ी के साथ कालभैरव को चढ़ाएंगे 250 प्रकार की शराब

उज्जैन में मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी पर भगवान भैरव बाबा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 और 6 दिसंबर को दो दिन तक भैरव मंदिरों में उल्लास छाएगा। विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में मध्यरात्रि 12 बजे भगवान को छप्पन पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। विक्रांत भैरव, आताल पाताल भैरव, आनंद भैरव मंदिर में भी मध्यरात्रि में जन्म आरती होगी। कालभैरव को अर्पित करने के लिए पकवानों की लिस्ट में सिगरेट बीड़ी के साथ शराब भी शामिल है।

2 min read
Google source verification
kaalbhairavjayanti.png

भगवान भैरव बाबा का जन्मोत्सव

उज्जैन में मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी पर भगवान भैरव बाबा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 और 6 दिसंबर को दो दिन तक भैरव मंदिरों में उल्लास छाएगा। विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में मध्यरात्रि 12 बजे भगवान को छप्पन पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। विक्रांत भैरव, आताल पाताल भैरव, आनंद भैरव मंदिर में भी मध्यरात्रि में जन्म आरती होगी। कालभैरव को अर्पित करने के लिए पकवानों की लिस्ट में सिगरेट बीड़ी के साथ शराब भी शामिल है।

कालभैरव मंदिर के पं. धर्मेंद्र पुजारी के आचार्यत्व में भैरव सहस्त्रनामावली से भगवान कालभैरव का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद नवीन वस्त्र व सोने चांदी के आभूषण धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। शाम 7 बजे मंदिर परिसर में जन कल्याण के लिए हवन किया जाएगा। रात 12 बजे जन्मोत्सव तथा आरती के बाद भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

250 प्रकार की शराब
भागसीपुरा छप्पन भैरव की गली स्थित 56 भैरव मंदिर में भैरव अष्टमी पर भगवान को अनेक प्रकार की वस्तुओं का भोग लगाए जाएंगे। इसमें 250 प्रकार की शराब, 60 प्रकार के पाउच सिगरेट बीड़ी, 180 प्रकार के मुखवास, 390 प्रकार की अगरबत्ती, 200 प्रकार के इत्र, 55 प्रकार की मिठाइयां, 45 प्रकार के बिस्किट, 60 प्रकार के गुजराती नमकीन आदि अर्पित किए जाएंगे।

पं. श्रीधर व्यास के अनुसार भगवान के अनूठे महाभोग के दर्शन के लिए सैकड़ों भक्त उमड़ते हैं। रविवार 3 दिसंबर को महाअभिषेक, सोमवार को चोला शृंगार, मंगलवार को भजन संध्या व संगीत के साथ महाभोग अर्पण किया जाएगा।

भ्रमण पर निकलेंगे काल भैरव
महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव शाम 4 बजे नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। दोपहर 3.30 बजे मंदिर के सभा मंडप में पं. धर्मेंद्र पुजारी के आचार्यत्व में कलेक्टर व एसपी भगवान कालभैरव के रजत मुखारविंद की पूजा अर्चना कर सवारी को नगर भ्रमण के लिए रवाना करेंगे। मंदिर से शुरू होकर सवारी तेल तिराहा पहुंचेगी। यहां जेल अधीक्षक पालकी का पूजन करेंगे। इसके बाद सवारी भैरवगढ़ के प्रमुख मार्गों से होते हुए सिद्धवट घाट पहुंचेगी। यहां पूजा होगी। इसके बाद सवारी मंदिर के लिए रवाना होगी।

सिंहपुरी स्थित आताल पाताल भैरव मंदिर से शाम पांच बजे भगवान आताल पाताल भैरव की सवारी निकलेगी। इससे पूर्व पालकी में विराजित भगवान आताल पाताल भैरव की प्रतिकृति का पूजन किया जाएगा। मंदिर से शुरू होकर सवारी कार्तिक चौक होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां भगवान की तीर्थ व वसंत पूजा होगी। इसके बाद सवारी कहारवाड़ी, बक्षी बाजार, गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, ढाबारोड होते हुए पुन: सिंहपुरी पहुंचेगी।

विक्रांत भैरव-गुरुदेव डबराल बाबा के द्वारा प्रदत्त सिद्ध स्थान विक्रांत भैरव मंदिर में भी अभिषेक-पूजन कर भैरव जन्मोत्सव मनेगा। 5 दिसंबर को आरती, अभिषेक, सुंदरकांड, चोला, हवन, 56 भोग व महाआरती होगी। 6 को सुप्रभात आरती सुबह 8 बजे होगी।

यह भी पढ़ें: पैसों की किल्लत खत्म कर देगी 10 मिनिट की यह पूजा