
उज्जैन के बालयोगी संत उमेशनाथ होंगे राज्यसभा सांसद
उज्जैन. भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में उज्जैन के बालयोगी संत उमेशनाथ महाराज के नाम की घोषणा की है। श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम आश्रम के पीठाधीश्वर उमेशनाथ लंबे समय से हिंदू समाज में समरसता फैलाने में जुटे हुए थे। उन्होंने जाति, पंथ, संप्रदाय तोड़े...राष्ट्र को जोड़ने का नारा दिया था। दर्शनशास्त्र से एमए उमशेनाथ महाराज की वाल्मीकि समाज में मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान तक पैठ है। सन् १९६४ में जन्मे उमेशनाथ महाराज जन्म से ही संत हैं। जन्म लेते ही परिवार ने महायोगी गोरखनाथ की सेवा में अर्पित कर दिया। बाद में उज्जैन में सोहनदास महाराज समाधि स्थल पर श्री क्षेत्र वाल्मीकि का निर्माण किया।
सामाजिक समरसता और धर्म के लिए करूंगा काम
संत उमेशनाथ महाराज को राज्यसभा सांसद का प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना बुधवार सुबह मीडिया से मिली। मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सबके लिए अच्छा करूंगा। पद की गरिमा बनी रहे और सामाजिक समरसता और धर्म के लिए काम करता रहूंगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से भी कहा कि उन्हें राज्यसभा सांसद की एबीसीडी भी नहीं मालूम। बिंदुओं को समझूंगा और इसके आधार पर काम करेंगे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने की बात भी कही।
कांग्रेस सरकार में मिला मंत्री का दर्जा
संत उमेशनाथ महाराज की भाजपा के साथ कांग्रेस नेताओं से अच्छी पकड़ है। कांग्रेस शासन में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। उन्हें ८ राज्य में राजकीय अतिथि का दर्जा मिल चुका है। भाजपा के नेताओं से उनकी घनिष्ठता रही। सिंहस्थ २०१६ में गृहमंत्री अमित शाह समरता स्नान कर चुके हैं, वहीं आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी संत उमेशनाथ का आर्शीवाद ले चुके हैं।
जावरा में हुआ था जन्म
संत उमेशनाथ महाराज का जन्म रतलाम जिले के जावरा में १९ नवंबर १९६४ में हुआ था। उनके पिता हरिलाल मेहना व माता कमला देवी है। अनुसूचित जाति से आने वाले संत वाल्मीकि समाज के सर्वमान्य संत है।
Published on:
14 Feb 2024 07:46 pm
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