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कार से महाकाल मंदिर आने वाले जाने यहां की पार्र्किंग की खासीयत

शेड के नीचे वाहनों को छांव मिलेगी और ऊपर पैदा होगी बिजली, सोलर पैनल के शेड लगाए जो हर महीने ४२ हजार युनिट पैदा कर ढाई लाख रुपए का बिजली खर्च बचाएंगे

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Coming to Mahakal temple by car, the specialty of parking here

शेड के नीचे वाहनों को छांव मिलेगी और ऊपर पैदा होगी बिजली, सोलर पैनल के शेड लगाए जो हर महीने 42 हजार युनिट पैदा कर ढाई लाख रुपए का बिजली खर्च बचाएंगे

उज्जैन. स्मार्ट सिटी अंतर्गत महाकाल मंदिर का पार्र्किंग स्टैंड भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। यहां वाहन तो सुरक्षित और व्यवस्थित पार्क हो ही सकेंगे, बिजली का उत्पादन भी होगा। इसका बड़ा फायदा बिजली के उस खर्च में बचत के रूप में मिलेगा जो महाकाल मंदिर कॉरिडोर में उपयोग की जाएगी। एेसे में अपनी स्मार्टनेस के कारण यह पार्र्किंग स्थल आने वाले समय में अन्य पार्र्किंग स्थलों के लिए गाइड लाइन साबित होगा।

मृदा प्रोजेक्ट अंतर्गत महाकाल मंदिर क्षेत्र का विकास व विस्तारिकरण किया जा रहा है। इसके बाद निकट भविष्य में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी और बढ़ेगी। एेसे में श्रद्धालुओं को वाहन पार्र्किंग की बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अंतर्गत ही त्रिवेणी संग्रहालय के नजदीक सरफेज पार्र्किंग का निर्माण किया जा रहा है। वाहन सुरक्षित रहे और निर्धारित स्थान पर ही पार्क हों इसके लिए जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर ओटला बनाया गया है। ओटले पर खड़े होने वाले वाहनों को धूप, पानी आदि से सुरक्षित रखने के लिए इनके ऊपर शेड लगाए गए हैं। पार्र्किंग स्थल का स्मार्ट उपयोग करते हुए शेड पर सोलर पैनल लगाई जा रही हैं। एेसे में जहां शेड के कारण वाहन धूप-छांव से बचेंगे वहीं इन पर लगी पैनल सोर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करेगी। सरफेज पार्र्किंग में सोलर पैनल स्थापित करने का कार्य ५० फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है और एक-दो महीने में यह प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना है।

हर महीने पैदा होगी 42 हजार युनिट

पार्र्किंग स्थल पर ४०० किलो वॉट का प्लांट लगाया जा रहा है। इससे हर महीने करीब ४२ हजार युनिट बिजली पैदा होगी। इस बिजली का उपयोग महाकाल मंदिर कॉरिडार व आसपास के विद्युत उपकरण संचालित करने में किया जा सकेगा। एेसे में हर महीने करीब २.५ लाख रुपए का बिजली खर्च बचाया जा सकेगा।

स्मार्ट पार्र्किंग:

क्षेत्रफल- 4 हेक्टेयर
क्षमता- 450 वाहन
सौलर पैनल- 1200
सौलर प्लांट- 400 किलोवॉट
बिजली पैदावार- 42 हजार प्रति युनिट
बिजली खर्च में बचत होगी- 2.5 लाख रुपए प्रति माह

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