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fire mahakaleshwar bhasma aarti investigation- मजिस्ट्रियल जांच अंतरिम रिपोर्ट में होली पर महाकाल की भस्म आरती के दौरान आग का कारण ज्वलनशील गुलाल बताया है। इसमें मंदिर प्रशासक, सहायक अधिकारी, कमेटी कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही सामने आई है। अधिकारी- कर्मचारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। तय संख्या से ज्यादा पुजारी-सेवकों को एकत्र होने दिया, अमानक गुलाल पहुंचने से भी नहीं रोका। अंतिम जांच रिपोर्ट से पहले ही कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मंदिर प्रशासक संदीप सोनी को हटा दिया। जिपं सीईओ मृणाल मीणा को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।
1. मंदिर में अत्यधिक मात्रा में ज्वलनशील गुलाल पहुंचा।
2. घटना के समय एकमात्र निकासी द्वार 15 मिनट से अधिक समय तक बंद रहा।
3. गर्भगृह में अत्यधिक संख्या से पुजारियों और सेवकों की मौजूदगी रही।
4. घटना वाले वक्त ड्यूटी पर तैनात अधिकारी कर्मचारी ने अपने कर्तव्य नहीं निभाए।
सुरक्षा एजेंसी को नोटिस
जांच रिपोर्ट में सुरक्षा एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। होली के दिन अत्यधिक मात्रा में गुलाल मंदिर में पहुंचा था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे रोकने को लेकर कदम नहीं उठाया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अब सुरक्षा एजेंसी को नोटिस दिया जाएगा।
पत्रिका: भस्मारती में आग गुलाल उडऩे से लगना बताया था।
रिपोर्ट : आग की वजह ज्वलनशील गुलाल होना सामने आया।
पत्रिका: गर्भगृह में नियम विरुद्ध तय संया से ज्यादा पुजारीप्रतिनिधि एकत्र हुए।
रिपोर्ट: जांच में तथ्य सही मिला, गर्भगृह में अत्यधिक पंडे-पुजारी और सेवक मौजूद रहे।
पत्रिका: अफसर-कर्मचारियों ने ड्यूटी नहीं निभाई।
रिपोर्ट: जांच में यह साबित हुआ कि अफसर-कर्मचारियों ने दायित्वों का पालन नहीं किया। प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
पत्रिका: सख्त सुरक्षा में मंदिर में गुलाल कैसे पहुंचा।
रिपोर्ट: सुरक्षा एजेंसी की चूक मानी। अत्यधिक मात्रा में गुलाल गर्भगृह तक पहुंचा।
पत्रिका: सोमनाथ और अन्य बड़े मंदिरों के दौरे की बात कही।
रिपोर्ट: चार बड़े मंदिरों की व्यवस्था जांचने को टीम बनाई।
Updated on:
29 Mar 2024 10:42 am
Published on:
29 Mar 2024 07:47 am
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