अभिनव पहल..पत्रिका से खास बातचीत में बोले एसपी एमएस वर्मा - अब खुद को अकेला न समझें बुजुर्ग, पुलिस बनेगी मित्र, शहर की हर कॉलोनी में अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन की लिस्ट बनवाएंगे, पुलिस मित्र बन उनकी मद्द करेंगी
कमल चौहान/उज्जैन. सीनियर सिटीजन अब खुद को अकेला न समझें, पुलिस उनकी मित्र बनकर मदद करेगी। घर पर मिलने जाएगी, हालचाल पूछेगी और कोई तकलीफ है तो उसका हल भी निकालेगी। शहर के सीनियर सिटीजन का थानावार सर्वे करवा सूची तैयार कराई जाएगी।
योजना तैयार जल्द शुभारंभ
योजना पूरी तैयार है। इसका शुभारंभ जल्द होगा। पूरे प्रदेश में पहली बार यह अभिनव पहल उज्जैन में की जाएगी। पत्रिका से विशेष बातचीत में पुलिस अक्षीक्षक एमएस वर्मा ने बताया कि सीनियर सिटीजन उनके लिए अपने घर के बुजुर्ग की तरह ही हैं। हम उनके हर दुख-सुख में शामिल होंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वृद्ध नागरिकों की शिकायतें गंभीरता से लें। एसपी ने बताया कि नए साल में नागझिरी पुलिस थाना गठित किया जाएगा।
पेश है उनसे बातचीत के अंश:
सवाल- दो दिन पहले घर में घुसकर एक वृद्धा की चेन लूट ली गई। सीनियर सिटीजन में भरोसा जगाने के लिए पुलिस की क्या योजना है?
जवाब- सीनियर सिटीजन के लिए पुलिस मित्र योजना शुरू करने की तैयारी है। कॉलोनियों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की जानकारी जुटाकर समय-सयम पर उनकी कुशल-क्षेम पूछी जाएगी। शहर के सभी थाना क्षेत्रों में इस योजना को लागू किया जाएगा।
सवाल- सिंहस्थ के चलते पर्याप्त संसाधन मिल चुके हैं, और क्या जरूरत महसूस करते हैं?
जवाब- निश्चित रूप से संसाधन पर्याप्त हंै, शहर में विकसित होती नई कॉलोनियों व आबादी के मान से नए थाने व चौकियों की जरूरत है। नागझिरी नया थाना शुरू भी होने जा रहा है। कुछ नई चौकियों के भी शासन को प्रस्ताव भेजा है।
सवाल- बढ़ते साइबर क्राइम पुलिस के लिए कितनी बड़ी चुनौती है?
जवाब- साइबर क्राइम सोशल मीडिया के कारण तेजी से बढ़ा है। पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती है। हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मामलों के निराकरण के लिए हमें अच्छे एक्सपर्ट भी चाहिए।
सवाल- धार्मिक नगरी में बाहरी अपराधियों की घुसपैठ बढ़ती जा रही है, पुलिस तंत्र क्या कर रहा?
जवाब- शहर बदलकर वारदात करने का ट्रेंड बदला है, हालांंकि हम भी अपना टें्रड बदलकर काम कर रहे हैं। लूट की बड़ी वारदातों से लेकर कई नकबजनी में बाहरी गैंग को पकडऩे में कामयाब भी हुए। आगे भी मंसूबे ध्वस्त करेंगे।
सवाल- उज्जैन में आपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में किस तरह के अपराध अधिक देखे?
जवाब-जिले में प्रॉपर्टी व घरेलू विवाद अधिक देखने में आए। प्रोफेशनल तरीके के अपराध व अपराधी यहां अन्य शहरों की अपेक्षा कम हैं। हमने थानों पर भी एफआईआर के लिए व्यवस्था को सरल किया। इससे अपराध नियंत्रित हो रहे हैं।
सवाल- इस वर्ष की बड़ी चुनौती व सफलता क्या रही?
जवाब- उज्जैन पुलिस के लिए सिंहस्थ से बड़ी कोई चुनौती नहीं हो सकती। योजना को दिमाग में बैठा धरातल पर उसका काम करवाना बड़ा टास्क था। 6 किमी में बसे मेले के 75 हजार वर्ग फीट एरिया वाले घाटों पर एक दिन में डेढ़ करोड़ लोगों को स्नान करवा सुरक्षित वापस भेजना ही सबसे बड़ी चुनौती थी। चलायमान व्यवस्था ने सिंहस्थ को सफल किया। इससे बड़ी उपलब्धि और कुछ नहीं हो सकती।