उज्जैन. महाकाल के दरबार में आकर प्रवासी भारतीयों का भी अंदाज बदल गया। यहां वे पूजन-आराधना में लीन नजर आए। माथे पर तिलक, गले में पुष्प माला, नंदी हॉल में मंत्रोच्चारण के बीच ध्यान लगाकर बैठे रहे। श्री महाकाल लोक में घूमते समय भी कभी जयकारे लगाने लगे, तो कभी ओम नम: शिवाय का उच्चारण किया। स्थानीय लोगों ने जब सुना कि ये सूरीनाम के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी हैं, तो आश्चर्य करने लगे कि इतनी सादगी…।
रविवार को सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने अपनी पत्नी के साथ उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही श्री महाकाल लोक के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ डेलीगेट भी मौजूद रहे। सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए हैं। दोनों देशों के राष्ट्रपति पीथमपुर में औद्योगिक इकाइयों का दौरा करेंगे। वे शनिवार शाम विशेष विमान से इंदौर पहुंचे थे। प्राप्त जानकारी अनुसार 10 जनवरी को पीथमपुर स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) का दौरा भी करेंगे। मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि रविवार तडक़े 4 बजे हुई भस्म आरती में भी अप्रवासी भारतीय शामिल हुए। इनमें यूके, जिम्बाबे, यूएई, कनाडा, अमेरिका आदि देशों से आए थे। सभी ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए तथा बाद में श्री महाकाल लोक का भ्रमण किया।