श्रावण की पूर्णिमा पर ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म किया गया। शनिवार को औदिच्य ब्राह्मण समाज, गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज आदि ने रामघाट पर हेमाद्रि संकल्प व दश विधि स्नान के बाद भस्म धारण करते हुए जनैऊ धारण की। तीर्थ पुरोहित संघ के मीडिया प्रभारी पं गौरव उपाध्याय ने बताया सुबह सूर्य को जल अपर्ण कर करीब 450 लोगों ने हेमाद्रि संकल्प के साथ दश विधि स्नान कर पंचगत्य, पंचामृत से देव ऋषि, पितृ का तर्पण कर भस्म धारण की। भगवान गणेश का पूजन और फिर अरुंधति व सप्तऋषि का पूजन किया। इसके साथ ही वंशावली नूतन जनेऊ का पूजन कर नई जनेऊ (यज्ञोपवित) धारण की। इस दौरान औदिच्य ब्राह्मण समाज के उमाकांत शुक्ल, गुर्जर गौड़ समाज के केदारनाथ शुक्ल, महेंद्र दत्त शास्त्री, राम शुक्ल उपस्थित थे। रामानुजकोट आश्रम में स्वामी रंगनाथाचार्य के सान्निध्य में आश्रम के बटुकों ने भी श्रावणी उपाकर्म किया। इसी क्रम में महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से संचालित वैदिक प्रशिक्षण व शोध संस्थान द्वारा श्रावणी उपाकर्म एवं वेद पूजन किया गया। शनिवार सुबह 7 बजे रामघाट पर संस्थान के बटुकों व आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के आह्वान, स्थापना, दशविधि स्नान कर जनैऊ धारण की। इस अवसर पर संस्कृति भारती के मालवा प्रांत संगठन मंत्री प्रमोद पंडित, डॉ. तुलसीदास परौहा, मंदिर प्रशासक आरपी तिवारी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी प्रीति चौहान आदि उपस्थित थे।