
ujjain crime
उज्जैन. गोली लगने से घायल फाइनेंस कंपनी का संचालक मनीष मीणा पांच दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद जिंदगी की लड़ाई हार गया। शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दोपहर में डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है। वहीं पांच दिन बाद भी पुलिस को हमलावरों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर मनीष के परिजनों और मित्रों ने शुक्रवार को आईजी कार्यालय के सामने चक्काजाम भी किया था।
18 अगस्त को सुबह करीब 11 से 11.30 बजे के बीच श्रीजी फाइनेंस कंपनी के संचालक और विवेकानंद कॉलोनी निवासी मनीष मीणा को अज्ञात लोगों ने बसावड़ा पेट्रोल पंप के पीछे गली में गोली मार दी। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मनीष को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार से शनिवार तक इलाज के बाद शनिवार दोपहर मनीष ने दम तोड़ दिया।
पांच दिन पूर्व हुई घटना के बाद भी पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस अब भी पूछताछ में लगी है। पुलिस का मानना है कि हत्यारे मनीष के परिचित ही थे। उन्होंने मनीष को फोन कर गली में बुलाया, उससे बात की उसके साथ चाय पी और फिर उसे गली में ले जाकर गोली मारी और फरार हो गए। घटना के बाद कोई भी पुलिस को आरोपियों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा है।
परिजनों ने किया था चक्काजाम
पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए शुक्रवार को मनीष के परिजनों ने आईजी कार्यालय के सामने देवास रोड पर चक्काजाम भी किया था। परिजनों का कहना था कि पुलिस आरोपियों को पकडऩे के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। मनीष की पत्नी, मां और पिता ने मीडिया के सामने कहा था कि पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं है। चक्काजाम के दौरान माधवनगर सीएसपी विजय डावर और टीआई एमएस परमार ने परिजनों को समझाइश देकर रवाना किया था। शुक्रवार को जाम के दौरान परिजनों ने कुछ संदिग्धों के नाम भी पुलिस को बताए थे। पुलिस उन संदिग्धों को तलाश कर रही है।
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