पत्नी पर बुरी नजर रखने वाले साथी की पति ने निर्मम हत्या कर सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को ट्रेन के सामने फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी व उसके साथ को गिरफ्तार कर लिया।
शाजापुर. पत्नी पर बुरी नजर रखने वाले साथी की पति ने निर्मम हत्या कर सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को ट्रेन के सामने फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी व उसके साथ को गिरफ्तार कर लिया।
एक दिन पूर्व मझानिया के पास रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिले शव की पुलिस ने न सिर्फ शिनाख्त की, बल्कि हादसा बनाने के लिए रची गई साजिश का पर्दाफाश करते हुए हत्यारों को भी गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को कंट्रोल रूम पर वार्ता कर एसपी जगदीश डावर ने जानकारी दी।
एसपी ने बताया 16 नवंबर को सूचना मिली कि ग्राम मझानिया के कच्चे रास्ते में सारंगपुर से शाजापुर रेलवे ट्रैक पर मझानिया फाटक 170 ए के पास शव रेलवे इंजन से कटकर पड़ा है। थाना प्रभारी सुनेरा, एसडीओपी शाजापुर, एएसपी शाजापुर तथा पुलिस टीम पहुंची। घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान पटरी के पास ऊपर बने आम रस्ते पर पत्थर एवं खून पड़ा दिखाई दिया। इससे घटना एवं स्थल संदिग्ध दिखा। बारीकी से निरीक्षण किया तो घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्य से पता लगा कि अज्ञात व्यक्ति की मृत्यु रेलवे इंजन से कटने से नहीं हुई, बल्कि पूर्व में ही रेलवे ट्रैक से ऊपर आम रास्ते पर पत्थर से मार कर की गई है। बाद घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए उसे फेंका गया है। अधिकारियों ने एसपी को जानकारी दी। इस पर एसपी भी पहुंचे तथा तत्काल कार्रवाई के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए। विवेचना के दौरान आरोपियों को चिह्नित कर हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। बाद में हुई पूछताछ में दो आरोपियों पवन सौराष्ट्रीय व विनोद सौराष्ट्रीय ने हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकना कबूल लिया।
दफन किए शव को फिर निकाला
अज्ञात शव मिलने पर उसे दफन कर दिया जाता है। इस प्रकरण में भी शव को दफन कर दिया गया। बाद में जब आरोपी पकड़ाए तो कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के आदेश से उत्खनन करके पंचान के समक्ष शव को बाहर निकाला गया। पहचान सुनील (28) पिता घासीराम वर्मा निवासी उज्जैन हाल-मुकाम विकास नगर देवास के रूप में हुई।
पत्नी से करता था अनर्गल बात, इसलिए की हत्या
पूछताछ में आरोपी विनोद ने बताया कि वो और सुनील उज्जैन में साथ में फैक्ट्री में काम करते थे। उक्त अवधि में सुनिल उसती पत्नी को आए दिन फोन करके परेशान करता था। कहता था कि तुम्हारे पति को छोड़ कर मेरे पास रहने आ जाओ। जानकारी जब विरोद को मिली तब उसने सुनील से बात की, लेकिन सुनील ने गलत बात करते हुए पत्नी को उसके पास भेजने को कहा। इन्हीं बातों से परेशान होकर विनोद व पवन ने मिलकर सुनील की हत्या करने की साजिश रची।
उज्जैन से बुलाकर की हत्या
सुनील को उज्जैन से मझानिया ट्रैक के पास बुलाया और शराब पिलाई। इसके बाद पत्थर से मार कर हत्या कर दी और बाद में शव ट्रैक पर फेंक दिया। सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा करने में एएसपी टीएस बघेल, एसडीओपी दीपा डोडवे, निरीक्षक मनीष दुबे, उनि छत्रसालसिंह पंवार, सीमा परमार, सउनि दिलीप मिलाला, प्रआर हरीसिंह यादव, आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर, कपिल यादव, अरुण यादव, हेमंत जादौन की विशेष भूमिका रही। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।