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माधवनगर अस्पताल में 2.38 करोड़ से बने वार्ड और आइसीयू मरीजों के उपयोग में नहीं आ रहे?

लोकार्पण के 23 दिन बाद भी माधवनगर में सुविधा नहीं

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Wards and ICUs made of 2.38 crores in Madhavnagar hospital are not being used by patients?

लोकार्पण के 23 दिन बाद भी माधवनगर में सुविधा नहीं

उज्जैन. नए शहर के माधवनगर अस्पताल में जोरशोर से लोकार्पित हुए दो नए आइसीयू और एक वार्ड मरीजों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। इन पर अभी भी ताला लगा हुआ है और मरीजों का उपचार पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही हो रहा है। लोकार्पण के बाद अब इंतजार नई सुविधाओं के शुरू होने का है।
माधवनगर अस्पताल में 2 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से एचडीयू, पीआइसीयू और एक नया जनरल वार्ड तैयार किया गया है। उ'च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों 8 मई को जोरशोर से इनका लोकार्पण भी किया गया लेकिन इनके संचालन की कोई व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। उपलब्ध उपकरण व अन्य संसाधनों के साथ माधवनगर अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए लगभग एक दर्जन डॉक्टर व 40 से अधिक के मेडिकल-पेरामेडिकल स्टॉफ की जरूरत है। आइसीयू वार्ड निर्माण के लिए करोड़ो रुपए तो खर्च हो गए लेकिन संचालन के लिए मानव संसाधन उपलब्ध नहीं कर पा रहे हैं। नतीजतन निर्माण व लोकार्पण के बाद भी यह मरीजों के उपयोग में नहीं आ रहे हैं।
ये मिली है नई सुविधा
44.76 लाख रुपए से भूतल पर 12 बेडेड एचडीयू बनाया है।
71.78 लाख रुपए से 10 बेडेड पीआईसीयू बनाया है।
122.15 लाख रुपए से द्वितीय तल पर 50 बेडेड जनरल वार्ड बनाया है।
अस्पताल में पूर्व से दो आइसीयू व जनरल वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। नए आइसीयू और वार्ड का उपयोग शुरू नहीं हुआ है। आवश्यक स्टॉफ के लिए मांग की है।
डॉ. एचपी सोनानिया, प्रभारी माधवनगर अस्पताल

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