
Now the road from Gandhi Chowk to Khalesar Naka will be known as Vidyasagar Maharaj Marg
नगर पालिका का बजट गुरूवार को सर्वसम्मति से पारित हो गया। नए बजट में करोड़ों रूपये के विकास कार्यो को स्वीकृति मिली है। साथ ही करो को यथावत रखते हुए जनता पर किसी तरह का बोझ नहीं डाला गया है। नपा अध्यक्ष रश्मि सिंह की अध्यक्षता में नगर पालिका कार्यालय में आयोजित परिषद की बैठक में शहर के विकास पर व्यापक चर्चा के बाद जितने भी प्रस्ताव रखे गए उन सभी को आम सहमति से मंजूर किया गया।
बैठक में नगर पालिका उपाध्यक्ष अमृतलाल यादव, सांसद प्रतिनिधि ज्ञानेंद्र सिंह गहरवार, विधायक प्रतिनिधि शंभूलाल खट्टर, समस्त पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह ठाकुर, परिषद के अधिकारी तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024-25 के बजट में विकास तथा अन्य कार्यो के उपरांत नगर पालिका को 40 लाख 26 हजार रूपए की बचत होने का अनुमान है।
प्रस्ताव को सर्व सम्मति से प्रदान की स्वीकृति
नगर पालिका परिषद की बैठक में महान संत जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज की स्मृति में नगर का कोई मुख्य स्थल उनके नाम करने पर विचार हुआ। इसके लिए पाली रोड के रूप में प्रचलित मार्ग को चिन्हित किया गया। परिषद ने गांधी चौक से खलेसर नाका तक रोड का नाम आचार्य विद्यासागर महाराज मार्ग रखे जाने एवं कीर्ति स्तंभ स्थापित करने के प्रस्ताव को सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि महाराज के निधन के उपरांत नपाध्यक्ष ने इस आशय की घोषणा की थी जिसे बैठक में मूर्तरूप दिया गया है।
इन कार्यो पर लगी मुहर
परिषद की बैठक में नगर के वार्ड नंबर 19 विकटगंज मे सामुदायिक भवन के निर्माण, नगर पालिका कार्यालय के सामने निर्मित दुकान नंबर 7 तथा 19 की ई-निविदा निरस्त करने, विकटगंज डाइट से स्टेशन चौराहा तक स्ट्रीट लाइट पोल के लिए 80 लाख रूपए, लालपुर, सगरा एवं रमपुरी मुक्तिधामों में सड़क, शवदाह गृह एवं अस्थि कक्ष का निर्माण, चपहा से छटन तक स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाने के लिए 1.20 करोड़ तथा वार्ड नंबर 8 में निर्मित सामुदायिक भवन के रेनोवेशन आदि अन्य कार्यो पर चर्चा तथा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा नगर पालिका के फिल्टर प्लांट के पीछे की खाली भूमि पर नवीन कार्यालय एवं व्यवसायिक दुकान का प्रस्ताव आगामी बैठक में रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ताहीन निर्माण बर्दाश्त नहीं
इस अवसर पर शासन की कायाकल्प योजनांतर्गत शहर में चल रहे मुख्य मार्गो के डामरीकरण की क्वालिटी पर असंतोष जाहिर किया गया। जिस पर अध्यक्ष ने भी सहमति जताते हुए कहा कि निर्माण कार्यो की गुणवत्ता से कोई समझौतानहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डामरीकरण कार्य की सूक्ष्मता से जांच करें। इसमें किसी भी तरह की अनिमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार का टेण्डर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
09 Mar 2024 04:12 pm

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