
परिवार ने ठुकराया, जितेंद्र ने अपनाया, स्वाधार गृह से दुल्हन बनकर विदा हुई प्रियंका
सारनी/पाथाखेड़ा। परिवार द्वारा ठुकरा दिए जाने के बाद छह माह से स्वधार गृह शोभपुर कालोनी सारनी में अपना जीवन व्यतीत कर रही 20 वर्षीय प्रियंका को आखिरकार जीवन साथी मिल ही गया। बुधवार को स्वधार गृह शोभापुर में ही प्रियंका का विवाह हरदा निवासी जितेंद्र विश्नोई से हुआ। इस दौरान सारनी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान, भाजपा प्रशिक्षण विभाग के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कमलेश सिंह, महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारती अग्रवाल समेत गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
परिवार ने ठुकराया तो इन्होंने अपनाया
सिवनी की 19 वर्षीय प्रियंका को उसके परिवार ने ठुकरा दिया था। सिवनी में कोई आश्रय नहीं होने से वहां के कलेक्टर द्वारा उसे बैतूल जिले के शोभापुर कालोनी स्थित स्वाधार गृह भेज दिया था। ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारती अग्रवाल द्वारा बालिका की उचित देख भाल की गई। उन्हीं के प्रयासों से हरदा जिले के जितेंद्र के साथ उसका रिश्ता जुड़ गया। बुधवार को स्वधार गृह में ही एक सादे समारोह में प्रियंका और जितेंद्र एक दूजे के हो गए। इस खास मौके पर जितेंद्र के माता पिता और परिवार के सदस्य मौजूद थे। जबकि प्रियंका के तरफ से ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष, संस्था की सदस्य योगमाया शर्मा, नन्दा सोनी, पुलिस महकमे से पूनम तिवारी उपस्थित रही। गणमान्य नागरिकों ने घराती की भूमिका निभाई।
जमीन भी की प्रियंका के नाम
जितेंद के पिता ने 2 लाख का एफडीआर प्रियंका को सौंपा। 2 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री प्रियंका के नाम किए जाने के शपथ पत्र प्रस्तुत किए। जितेंद के पिता ने स्वधार गृह प्रबंधन को प्रियंका के सुरक्षित भविष्य को लेकर आश्वस्त किया। एक बेसहारा बालिका के रूप में स्वाधार गृह आई प्रियंका जब दुल्हन के लिवास में जितेंद्र के संग विदा हुई तो स्वधार गृह में रहने वाली अन्य बालिकाओं एवं उपस्थित लोगों की आंखे छलक पड़ी।
Published on:
16 Jan 2020 05:45 pm
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