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चयनित शिक्षको को ज्वॉइन न कराने पर वेतन की जिम्मेदारी अधिकारी व प्रबंधन समिति की होगी: हाईकोर्ट

अमरपाल की याचिका पर दिया यह आदेश

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Officers responsible for salary for not joining selected teachers

चयनित शिक्षको को ज्वॉइन न कराने पर वेतन की जिम्मेदारी अधिकारी व प्रबंधन समिति की होगी: हाईकोर्ट

प्रयागराज | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी चयनित अध्यापक को आवंटित विद्यालय में ज्वाइन नहीं कराया जाता है और कई वर्ष तक उससे काम नहीं लिया जाता है तो उक्त अवधि के उसके वेतन का भुगतान कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी और संबंधित कमेटी ऑफ मैनेजमेंट की है। इनसे अध्यापक का वेतन वसूल किया जाना चाहिए । कोर्ट ने अलीगढ़ के बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज कृष्णा पुरी द्वारा अध्यापक को ज्वाइन न कराकर मुकदमे बाजी के लिए विवश करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़ को निर्देश दिया है कि वह अध्यापक के वेतन का भुगतान करें तथा वेतन की रकम संबंधित मैनेजमेंट से वसूल की जाए।

अध्यापक अमरपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने दिया है। याची के अधिवक्ता का कहना था कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा याची का चयन नागरिक शास्त्र विषय के अध्यापक के लिए हुआ था। उसे पहले 2 विद्यालय आवंटित किए गएए जहां इस विषय की पद को लेकर के विवाद था । इस वजह से याची वहां ज्वाइन नहीं कर सका । 8 अक्टूबर 1996 को डी आई ओ एस अलीगढ़ ने याची को बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज आवंटित किया । मगर कॉलेज प्रबंधन ने उसे ज्वाइन नहीं कराया । इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने पुनः विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया । इसके बावजूद उसे ज्वाइन नहीं कराया गया ।

याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिस पर एकल पीठ ने उसे ज्वाइन कराने का आदेश विद्यालय प्रबंध समिति को दिया । इस आदेश को प्रबंध समिति ने स्पेशल अपील में चुनौती दी। स्पेशल अपील खारिज होने के बाद 1 जुलाई 1999 को अध्यापक को ज्वाइन कराया गया तथा 1 अगस्त 1999 से उसके वेतन का भुगतान किया गया। याची के अधिवक्ता का कहना था कि उसे विद्यालय का आवंटन 1996 में भी हो गया था मगर प्रबंध समिति द्वारा ज्वाइन न कराने के कारण वह काम नहीं कर सका । इसमें याची की कोई गलती नहीं है । इसलिए उसे नियुक्ति तिथि से वेतन का भुगतान किया जाए। सरकारी वकील का कहना था कि उक्त अवधि में अध्यापक ने काम नहीं किया है इसलिए वह वेतन पाने का अधिकारी नहीं है । कोर्ट ने इस दलील को खारिज़ करते हुए कहा अध्यापक से काम ना लेना संबंधित अधिकारियों की गलती है कि वह अपने आदेश का अनुपालन नहीं करा सके । लिहाजा जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़ अध्यापक की उपरोक्त अवधि के वेतन का भुगतान करना सुनिश्चित करे।