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 7th pay commission- सरकार कर्मचारियों को कर रही गुमराह

कर्मचारियों ने भरी हुंकार, नहीं हुआ संशोधन तो हड़ताल तय. जानें कर्मचारी क्या लगा रहे आरोप...

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Ajay Chaturvedi

Jun 22, 2016

7th pay commission

7th pay commission

वाराणसी. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों ने केंद्रीय कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने केंद्र सरकार पर कर्मचारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि मौजूदा स्लैब में परिवर्तन नहीं किया गया तो कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आंदोलन को बाध्य होंगे।

23.5 नहीं 14.29 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के वेतन में 23.5 फीसद बढ़ोतरी का प्रचार कर भ्रम फैला रही है। हकीकत में यह बढ़ोतरी महज 14.29 फीसद की है। एचआरए भत्ते को भी घटाकर 30 फीसद से 24 फीसद, 20 फीसद से 16 फीसद व 10 फीसद से घटाकर 08 फीसद कर दिया गया है। महंगाई के दौर में यह सिफारिश औचित्य से दूर नजर आती है।

न्यूतम और अधिकतम में 14 गुने का है अंतर
केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों से पूरी तरह निराश और असंतुष्ट हैं। जिस तरह से न्यूनतम वेतनमान 18 हजार रुपये प्रति माह करने व अधिकतम वेतनमान 2.50 लाख रुपये की संस्तुति की गई है, उससे दोनों वेतनमान में14 गुना का अंतर आ गया है जो 01:8 से अधिक नहीं होना चाहिए था।

सरकार के इशारे पर की गईं संस्तुतियां
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आयोग ने स्वैच्छिक रूप से काम न कर सरकार के इशारे पर संस्तुतियां की हैं। मांग उठाई गई कि संस्तुतियों को कर्मचारियों की आशा के अनुरूप संशोधित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि शीघ्र इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाया गया तो वह हड़ताल पर जाने पर बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने नई पेंशन स्कीम को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई थी।

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