सरकारी वकील सैयद अली मुर्तजा का कहना हा कि स्थानीय पुलिस की अनदेखी के बाद सीबी-सीआईडी ने कदम उठाते हुए शरीर से निकाले गए दांतों और बालों का डीएनए टेस्ट कराया था, जो कि शिव के पिता के डीएम से मैच कर गया था। बताया, “एक फोन आने के बाद छात्र को लंका पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसे खाना दिया गया था और रुकने के लिए भी कहा गया था। लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह बिना किसी को बताए वहां से चला गया। इसमें पुलिस अत्याचार का कोई मामला नहीं है।