
वाराणसी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ काशी उत्तर भाग द्वारा मनाया गया रक्षा बंधन उत्सव। रविवार वराणसी के पिपलानी कटरा में करीब 2 हजार की संख्या में स्वयं सेवकों और उनके परिवार के सदस्यों ने एनडीआरएफ के जवानों को रक्षा सूत्र बांध कर उनकी लम्बी उम्र की कामना की। रक्षाबंधन उत्सव कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजा प्रणाम के साथ हुई। जिसके बाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रमेश जी व कथावाचक संत अतुल कृष्ण भारद्वाज ने ध्वजा को रक्षा सूत्र बांधा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संत अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अपना उदबोधन देते हुए सावन माह के महीने और रक्षा बंधन त्योहार के महत्व को बताया। कथावाचक संत अतुल भारद्वाज ने भारत की संस्कृति और देवी देवताओं से जुड़े किस्से कहानी सुना लोगों को बताया त्योहार के बारे में बताया। उन्होंने योग से लेकर आयुर्वेद का जिक्र किया। और भारत के महापुरुषों का बखान करते हुए कहा कि भारत हमेशा से विश्व गुरु रहा है, और रहेगा। आज अंग्रेजी और विज्ञान के साथ-साथ संस्कृत सीखने की आवश्यकता है । ताकि संस्कृत में लिखे तमाम ग्रन्थों का अनुवाद किया जा सके । उन्होने महाभारत का जिक्र करते हुए कृष्ण की महिमा का भी बखान किया और बताया किस प्रकार से कृष्ण ने द्रोपदी की रक्षा की।
सेना केे जवानों को बहनों ने बांधा स्नेह का धागा
कार्यक्रम के आखिर में एनडीआर एफ के जवानों को राखी बाधने के लिए जब बहने आगे बढ़ी तो नजारा देखने वाला था। आज देश की शरहत की हिफाजत करने वालों की यहां सैकड़ो बहनें थी । जिनकी आंखों में सेना की वर्दी और देश की हिफाजत करने वाले जवानों के लिए साफ स्नेह देखा जा सकता था। रक्षा सूत्र बांधने के बाद जवानों का मुंह मीठा कराया गया। स्वयं सेवको ने भी एक दूसरे को राखी बांध मुंह मीठा कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश जी संघ चालक ने तो मंच का संचालन नन्दलाल देव ने किया। कार्यक्रम में महापौर रामपाल मोहले, शहर उत्तरी से विधायक रविंद्र जायसवाल आदि लोग मौजूद रहें। स्वयं सेवको का कहना था की रक्षा बंधन उत्सव समाज में पारस्परिक स्नेह, बन्धुता, समता , समरसता एंव भाई चारे का संदेश देने के लिए संघ मना रहा है।
Published on:
06 Aug 2017 05:00 pm
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