गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दाहोद जिले की फतेपुरा तहसील के सुखसर के सर्कल ऑफिसर व उप तहसीलदार मंथनकुमार परमार (31) को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है।
एसीबी ने फतेपुरा तहसीलदार कार्यालय में ही जाल बिछाकर शुक्रवार को यह कार्रवाई की।एसीबी के तहत उन्हें इस संबंध में शिकायत मिली है। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे संपत्ति से जुड़े प्रमाण पत्र (दारपणा नो दाखलो) की जरूरत थी। उनके चाचा के पुत्र के नाम पर संपत्ति है, जिससे उनके नाम से आवेदन तैयार करके तहसीलदार कार्यालय में 25 अक्टूबर 2024 को जमा कराया था। एक महीने का समय होने के बावजूद भी प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस पर उन्होंने सर्कल ऑफिसर के कार्यालय में जाकर इस संबंध में बातचीत की। उन्हें कहा गया कि आवेदन के कागजात कहीं खो गए हैं, उन्हें ढूंढकर प्रमाण पत्र तैयार करकेे दे दिया जाएगा। इसके बाद कई दिनों तक इंतजार किया। सात जनवरी 2025 को जब वह फिर से कार्यालय पर गए और पूछताछ की तो उनकी मुलाकात सुखसर सर्कल ऑफिसर मंथन कुमार से हुई। उन्होने आवेदन को सुधार कर देने और उसमें 50 रुपए का स्टैंप लगाकर नए सिरे से आवेदन देने की बात कही। आरोप है कि साथ ही उन्होंने कहा कि पांच हजार रुपए भई लेते आना। वह पांच हजार रुपए की रिश्वत नहीं देना चाहते थे,जिससे उन्होंने इसकी शिकायत महीसागर एसीबी थाने में कर दी। इसके आधार पर महीसागर एसीबी की टीम ने शुक्रवार को जाल बिछाकर आरोपी को पांच हजार रुपए की रिश्वत स्वीकारते हुए रंगेहाथों धर दबोचा।