17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजमेर

Election result: नसीराबाद में भाजपा के 10, कांग्रेस के 9 पार्षद जीते

सबसे छोटी नगर पालिका नसीराबाद के सभी नतीजे सामने आ चुके हैं। नसीराबाद नगर पालिका की कुल 20 वार्ड हैं।

Google source verification

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

प्रदेश की सबसे छोटी नगर पालिका नसीराबाद के सभी नतीजे सामने आ चुके हैं। नसीराबाद नगर पालिका की कुल 20 वार्ड हैं। इसमें 10 पर बीजेपी और 9 पर कांग्रेस को जीत मिली है। जबकि 1 वार्ड पर निर्दलीय ने कब्जा जमाया है। सबसे बड़े दल के लिहाज से भाजपा ने बाजी मारी है। लेकिन कांग्रेस भी 9 पार्षद के साथ पीछे नहीं है। वह भी 1 निर्दलीय पार्षद को साथ लेकर सभापति, उप सभापति बना सकती है।

ब्यावर में कांटे का मुकाबला, बढ़ी भाजपा-कांग्रेस की धडकऩ

ब्यावर नगर परिषद के चौंकाने वाले नतीजे आ रहे हैं। वार्ड 14 से पार्षद और मौजूदा नगर परिषद सभापति कमला दगदी चुनाव हार गई हैं। वे कांग्रेस के बैनर पर चुनाव में उतरी थीं। यहां से निर्दलीय प्रत्याशी त्रिलोक शर्मा जीते हैं। मालूम हो कि ब्यावर नगर परिषद के 2015 में हुए चुनाव में बबीता देवी सभापति बनी थी। लेकिन एक साल पहले उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वत लेते ट्रेप किया था। यह मामला कई दिन कोर्ट में चला। बबीता फिर सभापति बनी, पर स्थानीय निकाय विभाग ने उन्हें हटा दिया था।

विजयी रथ पर भाजपा, पुष्कर पालिका पर कब्जा तय
अजमेर. स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा का नगर पालिका पुष्कर पर कब्जा तय है। भाजपा के 14 पार्षद जीत चुके हैं। जबकि कांग्रेस के 9 और 2 निर्दलीय पार्षद के सिर का जीत का सेहरा बंधा है।

ब्यावर से यह हैं विजेता
वार्ड 1 से नरेष कनोजिया
वार्ड 2 से मुन्नी देवी
वार्ड 3 से सुनीता भाटी
वार्ड 4 से कमला दगदी
वार्ड 9 से मंगत
वार्ड 5 से गिरधारी पोपावत
वार्ड 10 से कांग्रेस की करुणा जावा
वार्ड 32 से दिनेश बैरवा
वार्ड 34 से राजेश सिंह
वार्ड 38 से सरस्वती शर्मा
वार्ड 39 बिना झंवर
वार्ड 40 विष्णु हेड़ा
वार्ड 45 में भाजपा के राज सिंह

वार्ड 48 में भाजपा जशोदा

वार्ड 19 में सुरेंद्र सोनी निर्दलीय

वार्ड 42 में कांग्रेस के राजेश शर्मा


प्रत्याशियों की की बाड़ा बंदी
भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों को गुप्त स्थान पर ठहराया है। इनकी बाड़ाबंदी दो दिन से जारी है। जीतने वाले पार्षदों को एकजुट किया जाएगा, ताकि सभापति और उप सभापति के चुनाव में कामयाबी मिल सके। सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए यह चुनाव अहम हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव में कामयाबी के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनाव में उतरी थी। लेकिन राज्य की 25 लोकसभा सीट हार गई। अब निकाय चुनाव में कांग्रेस की यह दूसरी परीक्षा है।