बालाघाट. लांजी पुलिस द्वारा शुक्रवार की रात्रि किए गए लाठी चार्ज के विरोध में शनिवार को पूरे दिन लांजी मुख्यालय में प्रदर्शन चलते रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारी लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, एसडीओपी नितेश भार्गव द्वारा कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
शनिवार की सुबह करीब ९ बजे से ग्रामीणों ने लांजी मुख्यालय के चौराहे में चारो ओर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किए जाने की मांग भी की। एसडीओपी द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। प्रदर्शन का यह सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक चलते रहा।
विदित हो कि जानकारी के अनुसार लांजी मुख्यालय से दो सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति द्वारा शोभायात्रा निकालकर भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन करने ले जाया जा रहा था। रात्रि करीब १० बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने शोभायात्रा में शामिल डीजे बंद करने की बात श्रद्धालुओं से कही। लेकिन श्रद्धालु नहीं माने। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मियों ने विवाद को बढ़ता देख लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान शोभायात्रा में शामिल छोटे-बड़े, बच्चे, महिलाओं पर भी लाठी चार्ज किया गया। जिसके चलते सभी ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने रात्रि में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। जो रात्रि करीब ३ बजे तक चलते रहा। इसके बाद शनिवार की सुबह से पुन: प्रदर्शन शुरू किया गया था।