तिल्दा-नेवरा. तिल्दा नगरपालिका के प्रभारी सीएमओ गोवर्धन डहरिया को नगरी प्रशासन विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि प्रभारी सीएमओ के पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने दो पुत्रों को प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में रखकर कार्य कराया गया और उन्हें 2 लाख से भी अधिक का भुगतान किया गया।
इस मामले की शिकायत पार्षद के द्वारा की गई थी, जो सही पाई गई। इसके बाद नगर पालिका कार्यपालन सेवा भर्ती और सेवा की शर्तें नियम 2017 के नियम 33 के अंतर्गत डेहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। संयुक्त संचालक ने निलंबन की कार्रवाई का आदेश जारी कर अगले आदेश तक धरसीवां कूंरा के प्रभारी सीएमओ को कार्यभार सौंपा गया है।
दिनभर होती रही चर्चा
सस्पेंड होने के बाद आज दिन भर शहर में यही चर्चा चलती रही। ऐसे मूल रूप से गोवर्धन डहरिया आरआई के पद पर नियुक्त थे। प्रभारी सीएमओ बनते ही उनके ऊपर कई आरोप लगने शुरू हो गए थे। बताया जाता है कि साफ -सफाई और पानी के टैंकरों में भरा जाने वाले डीजल में लाखों रुपए की हेराफेरी की गई है। सीएमओ स्वयं मंत्री का खास बताकर लोगों पर धौंस जमाता था, लेकिन आज की कार्यवाही से उनकी पोल खुल गई। बताया जाता है मंत्री शिव डहरिया लगातार मिल रही शिकायतों से नाराज थे।
पानी सप्लाई, मरम्मत और खरीदी के नाम पर गड़बड़ी
उधर भाजपा वार्ड 16 के पार्षद विकास कोटवानी ने सस्पेंड की कार्यवाही को उचित बताते हुए कहा कि सीएमओ द्वारा न केवल बेटों को नौकरी दी गई है। बल्कि पानी सप्लाई और पंप मरम्मत और खरीदी के नाम पर लाखों रुपए वारा न्यारा किया गया है। इसकी जांच कर उनसे वसूली की कार्यवाही सरकार को करनी चाहिए।
वर्जन
प्रभारी सीएमओ गोवर्धन डहरिया पर किसी पुराने मामले को लेकर निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनके स्थान पर धरसीवा कूंरा के नगर पंचयत के प्रभारी सीएमओ को प्रभार सौंपा गया है।
पदम काशी, संयुक्त संचालक