जयपुर। ब्रज सुर मंडल की ओर से रविवार को रवींद्र मंच पर 35वां ब्रज होरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोरोना की पाबंदियों के कारण शहर में हर साल होने वाले इस समारोह की परंपरा टूट गई थी,उसी को फिर से जोडऩे के ब्रज सुर मंडल ने इस साल फिर से इस समारोह की शुरुआत की। ब्रज संस्कृति के रंग में रंगा यह कार्यक्रम करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में कभी ब्रज के मस्ती भरे गीत तो कभी वहां के मनमोहक नृत्य ने दर्शकों को अपने मोहपाश में बांध लिया। कार्यक्रम में पूर्वाचल के लगभग 100 लोक कलाकार रसिया, लांगुरिया, चरकुला, मयूर नृत्य, बम रसिया, फूलों की होरी,कृष्ण लीला एवं ब्रज संस्कृति के रंग में रंगी अनेक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
जाने.माने गायक राधा बल्लभ सरस ब्रजवासी ने वंदना प्रस्तुत की, बिशनसिंह गुर्जर ने लांगुरिया नृत्य किया। मनीषा गुलयानी के निर्देशन में कलाकारों ने कथक आधारित कृष्ण लीला की मन मोहक प्रस्तुति दी।अशोक शर्मा और साथी कलाकारों ने मयूर नृत्य और ब्रज की ल_मार होली प्रस्तुत की तो हरिकिशन सैनी ने बम रसिया, होशियार सिंह नैनू ने चरकुला,राधा बल्लभ सरस ब्रजवासी और साथी कलाकारों ने कृष्ण लीला,उमर फारूख और उनके साथियों ने भपंग वादन और होशियार सिंह नैनू ने बम नृत्य किया तो लोग वाह वाह कर उठे। इस मौके पर शिवराम गुर्जर ने अपने मुंह और नाक से अनेक वाद्यों की लय.ताल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। समारोह की अन्तिम प्रस्तुत ऐसी थी मानो पूरा ब्रज मंच पर उतर आया हो। विभिन्न प्रस्तुतियों में शामिल 54 कलाकारों ने एक साथ मंच पर आकर एक सुर और एक लय पर फूलों की होली के जरिए भगवान श्री राधा कृष्ण के महारास को जीवंत कर दिया।