जयपुर। भाद्रपद शुक्ल एकादशी पर गोनेर श्री लक्ष्मीजगदीशजी महाराज के मंगलवार को जलझूलनी एकादशी महोत्सव का आयोजन होगा। भगवान जगदीशजी महाराज को पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा के रूप में जगन्नाथ सरोवर तक लाया जाएगा, लेकिन इस बार सरोवार सूखा होने से जगदीशजी महाराज नौका विहार नहीं कर पाएंगे, चांदी के थाल में जगदीशजी महाराज को विराजमान कर सिर्फ परंपरा निभाई जाएगी।
गोनेर जगदीशजी मंदिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष एवं महन्त हनुमान दास ने बताया कि जलझूलनी एकादशी पर भगवान जगदीशजी को जगन्नाथ सरोवर में नौका विहार कराने की परंपरा रही है। इस बार सरोवर खाली है। ऐसे में जगदीशजी महाराज को चांदी के थाल में विराजमान कर जलविहार कराया जाएगा। भगवान जगदीशजी को शाम 5 बजे नौका विहार के लिए मंदिर प्रांगण से पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा के रूप में जगन्नाथ सागर तक ले जाया जाएगा।
निकलेगी शोभायात्रा
महन्त हनुमान दास ने बताया कि शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान जगदीशजी को पालकी में विराजमान कर बैण्डबाजे के साथ भजन मण्डलियां, सजे-धजे घोड़ों के साथ स्थानीय विद्यालयों तथा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की झांकियां होगी। व्यायाम शाला के स्वयंसेवक करतब दिखाएंगे। इसके साथ जगदीशजी महाराज को जगन्नाथ सागर तक जलविहार के लिए ले जाया जाता है।
यह रहेगा कार्यक्रम
महन्त हनुमान दास ने बताया कि सरोवर की पाल पर देवादास के आश्रम तथा विजयहनुमान मंदिर की ओर से आरती उतारी जाएगी। इसके बाद भगवान वापस पालकी में विराजमान होकर हरमंदिर में आएंगे। वापसी पर भगवान जगदीशजी महाराज की लोगों की ओर से पूजन आरती की जाएगी।
मंदिरों में सजेगी झांकियां
इस मौके पर जगन्नाथ सागर की पाल पर विराजमान श्री विजयहनुमान मंदिर में द्वादश ज्योर्तिलिंग भगवान (शिवजी) की विशेष झांकी सजाई जाएगी।