जयपुर। दिगम्बर जैन धर्मावलंबी आज सबसे बड़ा पर्व अनन्त चतुर्दशी मना रहे हैं। इस मौके पर मंदिरों में दशलक्षण समापन कलश हो रहे हैं, साथ ही दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के चल रहे दशलक्षण महापर्व में उत्तम ब्रह्मचर्य लक्षण मनाया जा रहा है। शहर के 250 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने निराहार रहकर उपवास रखा है।
राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ने बताया कि शहर में 85 हजार से भी ज्यादा दिगम्बर जैन बन्धुओं ने एक दिवस का उपवास रखा है। सुबह भगवान की पूजा-अर्चना के बाद 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जा रहा है। मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू चढाया गया। दोपहर में चौबीस तीर्थंकरो की मण्डल पर चौबीसी पूजा विधान से महार्चना होगी। शाम को श्रीजी के दशलक्षण समापन कलश होंगे। इसके बाद महाआरती की जाएगी। आज दिनभर जैन बन्धु पूजा-अर्चना, धर्म-ध्यान, त्याग-तपस्या में व्यस्त रहेंगे। कुछ लोगों ने आज अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे है।
पड़वा ढोक 30 को
दशलक्षण महापर्व में 30 सितम्बर को षोडशकारण समापन कलश एवं पड़वा ढोक क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा। 1 अक्टूबर को 21 वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का गर्भ कल्याणक दिवस मनाया जाएगा।