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School Education- एक बार फिर डिजिटल लर्निंग फोकस की तैयारी

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब तो बने हुए हैं साथ ही शिक्षकों ने डिजिटल सामग्री भी तैयार की है लेकिन इसका उपयोग पूरी तरह से नहीं हो पा रहा। जिसे देखते हुए अब शिक्षा विभाग इस डिजिटल सामग्री का उपयोग अधिक से अधिक उपयोग पर फोकस करने की तैयारी कर रहा है।

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Rakhi Hajela

Jan 27, 2023

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब तो बने हुए हैं साथ ही शिक्षकों ने डिजिटल सामग्री भी तैयार की है लेकिन इसका उपयोग पूरी तरह से नहीं हो पा रहा। जिसे देखते हुए अब शिक्षा विभाग इस डिजिटल सामग्री का उपयोग अधिक से अधिक उपयोग पर फोकस करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि जिन स्कूलों में पहले से ही आईटीसी लैब और स्मार्ट क्लासरूम बने हुए हैं उनमें डिजिटल सामग्री अपलोड की जाए और उनका स्कूल में अधिक से उपयोग किया जाए। साथ ही ऐसे स्कूल में हाल में इनका निर्माण किया गया है, उनमें भी इनके उपयोग को सुनिश्चित किया जाए।
गौरतलब है कि कोविड काल में शिक्षा विभाग की ओर से तैयार की गई अध्ययन सामग्री भी स्कूली विद्यार्थियों के पूरी तरह से काम नहीं आ रही लेकिन इस सामग्री का उपयोग अब विद्यार्थियों के लिए हो सके यह विभाग सुनिश्चित करेगा। विद्यार्थियों की मदद, उनके संवदर्धन के लिए विभाग अब स्कूलों में डिजिटल लर्निंग पर फिर से भी फोकस करने जा रहा है।
यह सामग्री करनी होगी अपलोड
स्कूलों में अब विद्यार्थियों के लिए मिशन बुनियाद के तहत तैयार किए गए पीएएल यानी पर्सेनेलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग सॉफटवेयर, ई कक्षा वीडियो, डिजिटल दक्ष शिक्षकों के जरिए तैयार वीडियो स्मार्ट टीवी और आईसीटी लैब में अपलोड किए जा सकेंगे।
कम्प्यूटर पर पढ़ाया जाएगा हर विषय
सरकारी स्कूलों में बनी आईसीटी लैब का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्टूडेंट्स को हर विषय कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। सप्ताह में हर विषय का कम से कम एक पीरियड आईसीटी लैब में ही लगाया जाएगा। इसके लिए अलग से रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसमें आईसीटी लैब में कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाए जाने वाले विषय और तारीख आदि की डिटेल संस्था प्रधान से सत्यापित करवाकर रमसा कार्यालय को भिजवाना जरूरी होगा। आईसीटी लैब में क्लास के दौरान स्टूडेंट्स को एजुकेशनल वीडियो के माध्यम से सब्जेक्ट की जानकारी दी जाएगी।
हो सकेगा लैब का भी उपयोग : स्कूलों में आईसीटी लैब का उपयोग बच्चों को कंप्यूटर सिखाने तक सीमित माना जाता रहा है, इसे प्राइवेट स्कूलों की स्मार्ट क्लासेज को टक्कर देने के लिए शुरू किया गया था। अब कंप्यूटर शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को संबंधित विषयों का विशेषज्ञों से ऑनलाइन ज्ञान मिलने के साथ लैब का भी उपयोग हो सकेगा।

रखा जाएगा पूरा रिकॉर्ड : विभिन्न विषयों को पढ़ाने के लिए आईसीटी लैब का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अब स्कूल में अटेंडेंस रजिस्टर की तरह पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। सप्ताह में एक दिन हर विषय का एक पीरियड आईसीटी लैब में होगा। विषय अध्यापक इसका रिकॉर्ड संस्था प्रधान से सत्यापित करवाएंगे।

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