Dangerous Saroj Bhabhi
अपने ही सगे भाई की हत्या करने के लिए भाई व भाभी ने पांच बार प्रयास किए। अनेक प्रकार के षडय़ंत्र रचे, लेकिन शायद उसकी उम्र लम्बी थी, इसलिए वह हर बार बचता गया। हत्या के प्रयास का कारण भी बेहद चौंकाने वाला है। भाई व भाभी नहीं चाहते थे कि चेतराम की शादी हो। अगर चेतराम की शादी हो गई तो आधी जमीन उसके हिस्से में चली जाएगी।
यह कहानी फिल्मी नहीं, बल्कि राजस्थान के झुंझुनूं जिले की है।
Crime news khetri मेहाड़ा थानाधिकारी सरदारमल यादव ने बताया कि 15 जनवरी 2023 को परिवादी दूधवा निवासी चेतराम ने मामला दर्ज करवाया कि वह 8 जनवरी को अपने कमरे में सो रहा था। रात्रि में लगभग 2-3 बजे उसका भाई मुकेश, भाभी सरोज व तीन चार अन्य लोग आए तथा उसके मारपीट कर बेहोशी की हालत में शिमला कॉलेज के पास डालकर चले गए। जब उसे होश आया तो जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती था। पुलिस ने भाई सहित अन्य लोगों पर हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि परिवादी चेतराम अपनी शादी के लिए मकान का निर्माण करने लगा। तभी उसके भाई को लगा कि उसने शादी कर ली तो खेत की जमीन आधी रह जाएगी। इस पर आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रची। उपाधीक्षक हजारीलाल खटाना के निर्देशन में तथा थानाधिकारी सरदारमल यादव के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर हत्या के प्रयास में दूधवा निवासी सरोज , खटाना की ढाणी निवासी संजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया। पुलिस इस मामले में परिवादी के भाई मुकेश गुर्जर को तथा संदीप गुर्जर को पूर्व में गिरफ्तार
कर चुकी है।
Dangerous Bhabhi
पहला प्रयास
जांच में सामने आया कि परिवादी के भाई मुकेश गुर्जर और उसके साथियों ने परिवादी की हत्या के पांच बार प्रयास किए। प्रथम प्रयास में आरोपी जुलाई में अपने भाई की हत्या के लिए एक हथियार खरीद कर लाया था। पुलिस ने उसे आम्र्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया।
दूसरा प्रयास
दूसरे प्रयास में आरोपी ने अपनी पत्नी सरोज व उसके रिश्तेदार संदीप गुर्जर तथा संजय गुर्जर को शामिल किया तथा परिवादी को नारनौल ले गए। जहां उसका एक्सीडेंट करने की योजना थी। परंतु परिवादी उनकी न•ारों से ओझल हो गया ।
तीसरा प्रयास
तीसरे प्रयास में आरोपी को घर में ही मारने की योजना बनाई। इसमें 8 जनवरी को रात्रि में परिवादी को सोते हुए गले में रस्सी डालकर लकड़ी से मारपीट की और उसे गाड़ी में डालकर शिमला के निजी कॉलेज के पास बेहोशी की हालात में डाल दिया ।
चौथा प्रयास
चौथे प्रयास में परिवादी को जब मरा समझकर कॉलेज के पास डाला तो उसके शरीर में हरकत होने पर उसके साथ फिर मारपीट की। तभी किसी के आने की आहट सुनकर वे छोड़ कर भाग गए।
पांचवां प्रयास
पांचवें प्रयास में परिवादी के जयपुर के अस्पताल में भर्ती के दौरान भाई मुकेश भी अस्पताल में लगातार रह कर हत्या का मौका तलाशता रहा। लेकिन डॉक्टर व नर्स की लगातार आवक जावक होने से उसे मौका नहीं मिला।
पुलिस टीम
आरोपियों की गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाधिकारी सरदारमल यादव के नेतृत्व में एएसआई बाबूलाल ,हैड कांस्टेबल अमर ङ्क्षसह, कांस्टेबल रोहिताश, महिला कांस्टेबल उषा बारी शामिल थे। इस मामले में अनुसंधान अधिकारी एएसआई बाबूलाल की विशेष भूमिका रही।