हिण्डौनसिटी. भारत विकास परिषद की ओर से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए मंगलवार को एएमपीएस स्कूल में सेमिनार आयोजित हुई। इसमेंं चिकित्साअधिकारियों ने रक्तदान के प्रक्रिया बता कर लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने को प्रोत्साहित किया।
भारतमाता के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ शुरु कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बीसीएमओ डॉ. दीपक चौधरी ने कहा कि शिक्षा के प्रसार और विज्ञान के विकास के दौर में लोग रक्तदान से झिझकते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान केे अनुसंधानों के अनुसार के एक व्यक्ति के स्वस्थ रहने के लिए तीन माह में एक बार रक्तदान करना चाहिए। ताकि शरीर मेंं नई रक्त कणिकाओं का निर्माण हो सके। रक्तदान करने से व्यक्ति खुद शुगर, बीपी सहित अन्य रोगों से बच सकता है। साथ ही दान किए रक्त से आपात स्थिति में दूसरे व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकेगा। राजकीय चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ आशीष शर्मा ने कहा कि लोगों को रक्तदान करने की तिथि को कलेण्डर में जन्मदिन व वर्षगांठ की तरह निश्चित करना चाहिए। ताकि एक कम से कम दो बार रक्तदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जरुरत पडऩे पर रक्त के लिए डोनर तलाशने की बजाए अपनों के लिए खुद रक्तदान करने के आगे आना चाहिए। भाविप के प्रांतीय रक्तदान प्रभारी देवेंद्र शर्मा उपाध्यक्ष नीलम खत्री एवं रक्तदान शिविर के भामाशाह अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि शहर के हर युवा रक्तदान के लिए संकल्पित होने की ठान ले तो करौली ब्लड बैंक सहित हिण्डौन अस्पताल की मदर ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं आएगी। रक्तदान के लिए महिलाओं को भी आगे आना चाहिए। परिषद के मुकेश जैन व अशोक गर्ग ने 29 जनवरी को जिला अस्पताल सुबह 9 बजे से 3 बजे तक लगने वाले शिविर में पहुंच रक्तदान करने का संकल्प दिलाया। इससे पहले विद्यालय के प्रधानाचार्य वर्धमान जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही विद्यालय परिवार द्वारा कम से कम 40 से 50 यूनिट रक्तदान करने की बात कही। कार्यक्रम में नरेश रामपुरा, राकेश अग्रवाल महिला संयोजिका आरती बिंदल, सह संयोजिका पूजा सिंघल, वंदना शर्मा, मोना, पूनम जैन, रमणी जैन आदि उपस्थित रहे।