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दो दिन का मिला था आश्वासन, नहीं पूरी हुई मांग अब होगा आंदोलन, चरमराएगी सफाई व्यवस्था, देखें वीडियो

पिछले 15 वर्षों से नगर निगम में कार्यरत-सफाई कर्मचारी को फिर नगर निगम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। नगर निगम परिसर में नारेबाजी करते हुए नगर निगम प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाया।

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Balmeek Pandey

Dec 11, 2019

कटनी. पिछले 15 वर्षों से नगर निगम में कार्यरत-सफाई कर्मचारी को फिर नगर निगम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। नगर निगम परिसर में नारेबाजी करते हुए नगर निगम प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2017 को नियमितीकरण संबंधी आदेश जारी हुए थे, लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया। जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस टे्रड यूनियन ओमप्रकाश सक्तेल, महामंत्री उमेशचंद्र सोनखरे ने कहा कि आयुक्त को नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। एक माह पहले नगर निगम आयुक्त ने सभी विभागों को कर्मचारियों की सूची तैयार करने निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक ना तो सूची बनी और ना ही कोई आदेश जारी हुए। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नगरीय प्रशासन एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आचार संहिता लगने वाली है कर्मचारियों की फिर से अनदेखी हो जाएगी तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि 6 दिन पहले किए गए प्रदर्शन पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 2 दिन में कार्रवाई शुरू हो जाएगी लेकिन 6 दिन बाद भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। बेवजह प्रकरण को अब एमआईसी में भेजने की बात कही जा रही है जो नियम संगत नहीं है जबकि नियमितीकरण का मामला परिषद से पास हो गया है। यदि सात दिन के समस्या का समाधान नहीं होता तो सामूहिक अवकाश, गेट मीटिंग, क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी।

 

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खाद्यान्न पर्ची सत्यापन से रोजगार सहायकों को रखा जाए मुक्त
जिलेभर के रोजगार सहायक सोमवार को कलेक्टर शशि भूषण सिंह के पास पहुंचे। ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या का समाधान करने मांग रखी। रोजगार सहायकों ने कहा कि उन्हें खाद्यान्न पर्ची सत्यापन में लगाया गया है, जबकि पहले से ही उनके पास अत्यधिक काम है। इतना ही नहीं खाद्यान्न पर्ची सत्यापन में उन्हें समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए उन्हें इस कार्य से मुक्त रखा जाए। गुना में संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है उसी तर्ज पर यहां भी टीम बनाई जाए। जिलाध्यक्ष शिवमोहन सिंह बघेल ने कहा कि जीआरएस पंचायतों में मनरेगा, पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन सहित केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कई योजनाओं को देख रहे हैं। खाद्यान पर्ची सत्यापन का कार्य सौंपने से समस्या गंभीर हो गई है। इसके साथ की गुना जिला के तर्ज पर 4-5 लोगों की टीम बनाकर सत्यापन कार्य कराया जाए। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अपात्रों का नाम काटने से गांव में विवाद होता है। एक जिले में जीआरएस के साथ मारपीट भी हो गई है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि कटनी में ऐसा नहीं हुआ। इसमें शीघ्र उचित निर्णय लिया जाएगा।

 

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स्कूल में बंद हो अवैध वसूली
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव मो जावेद व प्रदेश महासचिव मो शकील ने सोमवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि पूर्व में शिकायत की गई थी कि सेंटपॉल स्कूल में कक्षा दसवीं मं 10 हजार रुपये व 11वीं में 8 हजार रुपये प्रवेश शुल्क लिया गया था, जो की गलत है। इसमें बीइओ द्वारा जांच भी की गई थी, जांच रिपोर्ट में पुष्टी के बाद भी न तो फीस वापस कराई गई और ना ही कोई कार्रवाई की गई। इसके अलावा पूरे 12 माह की फीस वसूल की जा रही है। इसके अलावा अन्य प्राइवेट स्कूलों की जांच कराने मांग की।