कोटा. रेलवे में तैनात लोको पायलट अण्डररेस्ट कार्य नहीं करेंगे। यदि ट्रेन चालकों से निर्धारित 9 घंटे से ज्यादा रेल प्रशासन ने काम लिया तो वे रास्ते में ट्रेनों को खड़ा कर देंगे।
ऑल इंडिया रेलवेमैंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने शुक्रवार को कोटा में पत्रकारों से कहा, रेलवे में एक कर्मचारी दो कर्मचारियों के बराबर काम कर रहा है। रेलवे जितने पदों पर भर्ती कर रहा है उतने कर्मचारी तो दो साल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में कर्मचारियों की कमी खत्म नहीं होगी। रेलवे को चाहिए वे रिक्त पदों से ज्यादा भर्ती करे, ताकि सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के अनुपात में पद रिक्त नहीं रहें, क्योंकि भर्ती के बाद कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देना पड़ता है। ऐसे में उन्हें तैयार होने में समय लगता है।
उन्होंने कहा, लोको पायलट वर्ग के कर्मचारियों के वेतन भत्तों की मांगें लम्बित हैं, इससे वे तनाव में हैं और उनसे 16 घंटे तक कार्य करवाया जा रहा है। ऐसे में जल्द ही संगठन इस दिशा में बड़ा कदम उठाएगा। रेल प्रशासन को अवगत करा देंगे कि 9 घंटे से ज्यादा कार्य कराया तो रास्ते में ट्रेनों को खड़ा कर देंगे। हालांकि टे्रन चालकों को यह समझाया जा रहा है कि वे जंगल में गाड़ी को खड़ा नहीं करें। अण्डररेस्ट होने पर निकट के किसी स्टेशन पर भी खड़ी करके विनम्रता से रेल प्रशासन को अवगत करा दें।
इस बार नहीं रुकेंगे
मिश्रा ने कहा, इस बार मांगें नहीं मानी तो डेढ़ माह पहले नोटिस देकर हड़ताल की जाएगी। कोटा में एक और दो नवम्बर को होने वाले ऑल इंडिया रेलवेमैंस फेडरेशन के अधिवेशन में भी हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है।
नहीं चाहिए बुलेट ट्रेन
मिश्रा ने कहा, भारत जैसे देश को 1 लाख करोड़ रुपए खर्च करके तीन-चार हजार पैसे वाले लोगों के लिए बुलेट ट्रेन चलाने की जरूरत नहीं है। इससे अच्छा होगा कि इस राशि से नई लाइनें बिछाकर रेल सेवाएं शुरू कि जाएं, इसी में जनता का भला है।
कर्मचारी करते हैं काम
जब मिश्रा से यह पूछा कि इस सरकार के दो रेलमंत्रियों में से किसका अच्छा कार्य रहा। इस पर मिश्रा ने कहा, काम रेलमंत्री नहीं कर्मचारी करते हैं, ऐसे में कर्मचारी सबसे श्रेष्ठ हैं।