नागौर. सतूड़ी तीज पर महिलाओं ने उपवास रखने के साथ ही बंशीवाला एवं किले में स्थित भगवान कृष्ण के दर्शन किए। किले में भरे मेले में महिलाओं की भीड़ रही। इस दौरान नीमड़ी का पूजन कर सतूड़ी तीज की कथा सुनी। इस मौके पर पार्कों में महिलाओं की चहल-पहल रही। लहरिया एवं सतरंगी परिधानों में महिलाओं ने झूले का लुफ्त उठाया। शाम को चंद्रोदय के दर्शन के साथ अध्र्य देकर उपवास खोला। इसके पूर्व महिलाओं ने सुबह विधिपूर्वक सतूड़ी तीज का उपवास रखा। इसके पश्चात महिलाएं पहले बंशीवाला पहुंची। यहां पर नगर सेठ बंशीवाला का दर्शन, पूजन किया। बंशीवाला का शेषनाग के रूप में किया गया शृंगार आकर्षण का केन्द्र रहा। इस दौरान यहां पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से नृत्य करने के साथ ही भजन भी प्रस्तुत किया। इसके पश्चात महिलाएं किला पहुंची, और कतार में लगकर भगवान कृष्ण, राधा एवं रुक्कमणि का दर्शन कर मनवांछित वरदान मांगा। महिला श्रद्धालुओं ने कान्हा को हिंडोले पर झूला झुलाया। भजन मंडली ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। एक से बढकऱ एक भजन प्रस्तुत किए गए। भगवान कृष्ण, राधा एवं रुक्मणि का फूलों के साथ ही रंग-बिरंगे वस्त्रों से किया गया शृंगार श्रद्धालुओं में आस्था का केन्द्र बना रहा। किले में शाम को पांच बजे तक महिला श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम को पाठक की बगीची में भी मेला भरा। महिलाओं ने यहां पर भी भगवान कृष्ण का विधिपूर्वक अर्चन किया। बाद में सतूड़ी तीज की कथा भी सुनी।
पार्कों में हुआ नृत्य, लिया झूले का लुफ्त
शहर के नेहरू उद्यान, एमडीएच पार्क के साथ ही बख्तासागर पार्क में सज-धजकर पहुंची महिलाओं ने अत्यांक्षरी, नृत्य प्रतियोगिता एवं पारंपरिक गायन आदि की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान पार्कों में सामूहिक रूप से झूले का भी आनन्द लिया गया। इस मौके पर पार्क देर शाम तक गुलजार रहे। इसी क्रम में अखिल भारतीय मारवाणी महिला सम्मेलन की महिलाओं ने भी शहर के विभिन्न पार्कों का भ्रमण करते हुए तीज उत्सव के साथ ही मौसम का भी लुफ्त उठाया।