नागौर. अवैध बजरी खनन से लदी गाडिय़ा शाम का अंधेरा फैलते ही जिले की सडक़ों पर दौडऩे लगती है। अवैध रूप से खनन माफियाओं ने कथित रूप से विभागीय मिलीभगत के चलते बजरी परिवहन करने के अपने रास्ते तक बदल दिए। अवैध रूप से बजरी लदे वाहनों की संख्या सैंकड़ों में रहती है। यह बजरी लदे वाहन बड़ायली, सूर्यास भवाल एवं जसनगर आदि क्षेत्रोंसे बेरोक-टोक गुजर रहे हैं। इसकी वजह से सरकार को प्रतिदिन लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।
नागौर. शाम का अंधेरा फैलते ही सडक़ों पर बजरी लदे वाहनों की संख्या दोगुनी हो जाती है। स्थिति यह है कि जिले में फिलहाल बजरी की कोई स्वीकृत लीज नहीं है, लेकिन इसके बाद भी कथित रूप से मिलीभगत के चलते यह काम जोरों पर चल रहा है। जिले में आलनियावास, बड़ायली, भंवाल, जसनगर, मेड़ता सिटी, बड़ायली भेसड़ा, सूर्यास, रोहिसा, कीरो की ढाणी आदि क्षेत्रों में अवैध रूप से बजरी लदी गाडिय़ों को शाम का अंधेरा फैलने के बाद कभी भी देखा जा सकता है। स्थिति यह है कि शाम होते ही गाडिय़ों के शोर के साथ ही खनन करने वाले मशीनों की संख्या भी बढ़ जााती है। भले ही बजरी के अवैध खनन व निर्गमन की रोकथाम के लिए सभी जिलों में जिला कलक्टर द्वारा विशेष जांच दल गठित किए गए हैं लेकिन सरकार खनन माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। स्थिति यह है कि नागौर जिले के खजवाना, आलनियावास, कुचेरा, रियां बड़ी, जसनगर, रोहिसा, झींटिया सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन करने वालों एवं जिम्मेदारों की आपसी अंडरस्टैंडिंग के चलते अवैध खनन जारी है। इसके चलते विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाइयां केवल कागजी खानापूर्ति तक सिमटकर रह गई हैं।
सीईसी कमेटी ने प्रशासन को दिए थे निर्देश
अवैध खनन के बढ़ते माामलों को देखते हुए तीन साल पूर्व एक परिवाद पर सुनवाई करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से सीईसी कमेटी का गठन कर उसे जांच करने के लिए भेजा गया था। इसके बाद सीईसीसी कमेटी नागौर क्षेत्र के गोटन एरिया के विभिन्न जगहों पर जांच के लिए पहुंची थी। विशेषकर लूणी नदी के किनारों वाले क्षेत्रों की जांच कर उसने प्रशासन से सख्ती से नदी के पांच किलोमीटर एरिया में सभी निजी खातेदारी लीज बंद करने के लिए कहा था। सीईसी कमेटी के जाने के महज एक सप्ताह तक तो स्थिति ठीक रही, लेकिन इसके बाद हालात फिर पूर्ववत हो गए।
इनका कहना है…
अवैध बजरी खनन रोकने के लिए विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए हैं। क्षेत्र में अवैध खनन एवं निर्गमन रोकने के लिए विभाग की ओर से टीम बनाकर गश्त की जा रही है।
राकेश शेषमा, खनि अभियंता, खनिज विभाग गोटन