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Nagaur patrika…बुकिंग विंडों से कम्प्यूटर गायब, ऑनलाइन टिकट व्यवस्था भी बेपटरी…VIDEO

बुकिंग विंडों से कम्प्यूटर गायब, ऑनलाइन टिकट व्यवस्था भी बेपटरीईटीएम से बने रहे टिकट –रोडवेज बस स्टैंड से टिकट का आरक्षण कराने की नहीं मिल रही सुविधा –कम्प्यूटर से एक साथ तीन – चार बसों में टिकट बुकिंग का कार्य होता था-अब नहीं मिल पा रही यह सुविधा नागौर. जिले के नागौर आगार के सभी […]

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बुकिंग विंडों से कम्प्यूटर गायब, ऑनलाइन टिकट व्यवस्था भी बेपटरी
ईटीएम से बने रहे टिकट

रोडवेज बस स्टैंड से टिकट का आरक्षण कराने की नहीं मिल रही सुविधा

कम्प्यूटर से एक साथ तीन – चार बसों में टिकट बुकिंग का कार्य होता था
-अब नहीं मिल पा रही यह सुविधा

नागौर. जिले के नागौर आगार के सभी बुकिंग विंडों के कम्प्यूटर लंबे अर्से से बंद रहने से टिकट व्यवस्था प्रभावित है। इस वजह से न केवल बसों में रोडवेज बस स्टैंड से टिकट आरक्षण कराने का कार्य ठप है, बल्कि यात्रियों को सीट नंबर भी नहीं मिल पाते। हालांकि बुकिंग विंडों से टिकट देने की व्यवस्था करीब डेढ़ माह पूर्व रोडवेज ने अनुंबधित एजेंसी को सौंप दी है। खास बात यह है कि अनुबंधित एजेंसी की ओर से टिकट बनाने के लिए यहां कम्प्यूटर नहीं लगाए गए। रोडवेज की ओर से मिली ईटीएम से ही टिकट बनाए जा रहे हैं।

टिकट व्यवस्था ठप

आगार में टिकट बनाने की व्यवस्था गड़बड़ाने पर अनुबंधित एजेंसी को बुकिंग विंडो से टिकट जारी करने का काम सौंपा गया उसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। कारण विंडो कर्मियों को टिकट बनाने के लिए ईटीएम दी गई, लेकिन इससे पर्याप्त संख्या में टिकट नहीं बन पाते।

विभागीय जानकारों ने बताया कि कम्प्यूटर से एक साथ तीन- चार बसों में टिकट बुकिंग का कार्य होता था, जो इससे संभव ही नहीं है। बस स्टैंड पर एक साथ कई बसे आने पर एक बस के टिकट की बुकिंग हो सकती। शेष की नहीं हो पाएगी। इस वजह से अन्य बसों को बिना बुकिंग के बस स्टैंड से जाना पड़ता है। इससे आगार को रोजाना मिलने वाला राजस्व भी आधे पर सिमट गया है।
सीटो को लेकर झगड़े
कम्प्यूटर के अभाव में रोडवेज से ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था भी बेपटरी है। विंडों पर तैनात कर्मियों को अब पता नहीं चल पाता कि आने वाली बस में यात्रियों को टिकट देने पर सीट मिल पाएगी या नहीं, पहले ऐसा नहीं था। बुकिंग विंडों से ऑनलाइन टिकट व्यवस्था होने से बस में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या, सीट नंबर के हिसाब से पूरी जानकारी रहती थी। इसके कारण परिचालक एवं बुकिंग विंडों कर्मी दुविधा में रहते हैं। सीटों को लेकर यात्रियों में कई बार झगड़ा हो जाता है। सीट कन्फर्म नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, महिलाओं व बच्चों को होती है।
इनका कहना है…
बस स्टैण्ड की बुकिंग विंडों में कम्प्यूटर लगे थे या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। फिलहाल बुकिंग विंडों से टिकट अनुबंधित एजेंसी बना रही है। मुझे कार्यभार संभाले कुछ दिन हुए है। पूरी जानकारी लेकर ही बताया जा सकता है।
मुकुन सिंह, मुख्य प्रबंधक, नागौर आगार।