नागौर. रामदेव पशु मेला में मंगलवार को ऊंट एवं घोड़ों की हुई प्रतियोगिता में नस्लवार श्रेष्ठता की परख की गई। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मूलाराम जांगू ने बताया कि सवारी ऊंट में जायल, नागौर के जयरामदास मेघवाल का ऊंट प्रथम, गनाईड़ा पुष्कर अजमेर के नानू सिंह रावत द्वितीय, राणोली, फलसाना, सीकर के बनवारी सिंह जाट का ऊंट तीसरे स्थान पर रहा। नर ऊंट की श्रेष्ठता में पहले स्थान पर डीडवाना-कुचामन परबतसर के तिलोकराम सेन प्रथम, डीडवाना-कुचामन के नावां, इंदोखा के राजेन्द्र सिंह द्वितीय, फलौदी, आऊ के भारूराम जाट का ऊंट तीसरे स्थान पर रहा। मादा ऊंट में डीडवाना-कुचामन , परबतसर मोड़ी के सुवालाल का ऊंट प्रथम, दूसरे स्थान पर हनुमानगढ़, पीलीबंगा के गुरप्रीत सिंह, तीसरे पर डीडवाना-कुचामन के मकराना में धाननवा के मान सिंह का ऊंट रहा। इसी तरह अश्व वंश की हुई प्रतियोगिता में बछेरा/बछेरी में सीकर, लक्ष्मणगढ़ के भाकरों की ढाणी के भंवरलाल जाट प्रथम, जोधपुर झालमण्ड के धनराज चौधरी द्वितीय एवं मूण्डवा नागौर के उम्मेद सिंह तीसरे पर रहे। घोड़ी प्रजनन योग्य में नागौर, बासनी के मो. हसन की घोड़ी प्रथम, जोधपुर, तिंवरी, मथानिया के रघुनाथ सिंह की घोड़ी द्वितीय, खेतोलाव नागौर के नरपत कुम्हार की घोड़ी तीसरे स्थान पर रही। सांड घोड़ा में मेड़ता रेण के भंवरलाल बिश्नोई का घोड़ा प्रथम, फलौदी, बाप, कान सिंह सिढ़ा के शिम्भुनाथ सिंह का घोड़ा दूसरे, ताऊसर नागौर के डॉ. विष्णु परिहार का घोड़ा तीसरे स्थान पर रहा। पशुओं की श्रेष्ठता की परख करने वाले निर्णायकों में कुचामन के उपनिदेशक डॉ. गोविंदराम चौधरी, नागौर के उपनिदेशक डॉ. नरेन्द्रप्रकाश चौधरी एवं पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सेन रहे।