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Nagaur patrika…मिलीभगत के खेल में बजरी खनन के साथ सैंकड़ों की संख्या में सडक़ों पर दौड़ रही गाडिय़ां…VIDEO

नागौर. जिले के गोटन क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन का मामला एक बड़ा सवालिया निशान बन गया है। रोज़ाना सैकड़ों गाडिय़ां सरेआम बजरी लादकर गुजऱती हैं, लेकिन खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन के हाथ खाली दिखाई दे रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों में नौ माह के दौरान गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से […]

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नागौर. जिले के गोटन क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन का मामला एक बड़ा सवालिया निशान बन गया है। रोज़ाना सैकड़ों गाडिय़ां सरेआम बजरी लादकर गुजऱती हैं, लेकिन खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन के हाथ खाली दिखाई दे रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों में नौ माह के दौरान गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से अवैध खनन के केवल दो मामले ही दर्ज किए गए हैं। जबकि हकीकत में स्थिति इससे बिलकुल अलग है। जानकारों के मुताबिक, प्रतिदिन सैकड़ों गाडिय़ां अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर रही हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है। इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों की से मिलीभगत के खेल में यह काला कारोबार तेजी से हो रहा है।
यहां पर कभी भी देखा सकताा है
जिले में बड़ायली, भंवाल, जसनगर, मेड़ता सिटी, बड़ायली भेसड़ा, सूर्यास, रोहिसा, कीरो की ढाणी आदि क्षेत्रों में अवैध रूप से बजरी लदी गाडिय़ों को शाम का अंधेरा फैलने के बाद कभी भी देखा जा सकता है। स्थिति यह है कि शाम होते ही गाडिय़ों के शोर के साथ ही मशीनों की गडगड़़ाहट में जेसीबी अवैध रूप से खनन करते हुए नजर आती है। भले ही बजरी के अवैध खनन व निर्गमन की रोकथाम के लिए सभी जिलों में जिला कलक्टर द्वारा विशेष जांच दल गठित किए गए हैं लेकिन सरकार खनन माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। स्थिति यह है कि नागौर जिले के खजवाना, आलनियावास, कुचेरा, रियांबड़ी, जसनगर, रोहिसा, झींटिया में अवैध खनन जारी है, लेकिन कार्रवाई शून्य है। अवैध रूप से बजदी लदे वाहन नागौर, अजमेर सहित अन्य सीमावर्ती जिलों में यहां से गंतव्यों के लिए रवाना होते हैं।
इन रास्तों होकर गुजरती गाडिय़ां
कि रियाबड़ी क्षेत्र से खनिज पदार्थों से भरी गाडिय़ां आलनियावास एवं झिंटिया नाके के रास्ते से गुजरती हैं। इस दौरान क्षेत्र में रियाबड़ी पुलिस चौकी पड़ती है। यही नहीं, यह गाडिय़ां मेड़ता, थांवला एवं पादुकला थाना क्षेत्र की सीमाओं से भी होकर गुजरती हैं। इनके रास्ते डेगाना में पुलिस विभाग का डिप्टी ऑफिस भी पड़ता है। सूत्रों की माने तो मिलीभगत के चलते रोजाना हो रहे लाखों के कारोबार में सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
नौ माह में अवैध खनन के दो ही मामले
स्थिति यह है कि पूरे नौ माह में अवैध खनन के केवल दो मामले ही गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से पकड़े गए। इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अधिकारिक आंकडृों के अनुसार नागौर खनि अभियंता के क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन की कार्रवाई शून्य जरूर रही, लेकिन अवैध रूप से परिवहन के कुल 18 मामले पकड़े गए। गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से कुल 88 मामले इस तरह के पकड़े गए। परिवहन विभाग की ओर से भी अवैध रूप से बजरी परिवहन करते 25 गाडिय़ां पकड़ी गई। अवैध रूप से स्टॉक रखने के मामले में गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से चार एवं पुलिस की ओर से तीन प्रकरण पकड़े गए। अन्य में नागौर खनि अभियंता की ओर से इस तरह का कोई मामला नहीं पकड़ा गया। इस तरह से नौ माह में अवैध खनन के चार, निर्गमन के 168, स्टॉक के सात मामले पकडे। कुल वसूली 228.23 लाख की रही। इसमें पुलिस की ओर से कुल 42 मामले कार्रवाई करते हुए दर्ज किए गए,जबकि गोटन सहायक खनि अभियंता की ओर से 15 एवं नागौर खनि अभियंता की ओर से कुल चार प्रकरण दर्ज किए गए।
इनका कहना है…
अवैध खनन के लिए विभाग की ओर से लगातार जांच की जाती रहती है।इसके अलावा पुलिस का दल भी साथ में रहता है। खनिज एवं पुलिस विभाग के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में गश्त की जा रही है।
राकेश शेषमा, सहायक खनि अभियंता, गोटन
अवैध रूप से खनिज पदार्थों के निर्गमन की जांच के लिए विशेष टीम लगा रखी है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में जांच के अलग-अलग समय पर बराबर गश्त के साथ ही जांच भी की जा रही है।
नरेन्द्र खटिक, खनि अभियंता, खनिज विभाग नागौर