नागौर. जिले में चल रही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की होड़ में भूमाफियाओं ने तालाबों तक को नहीं छोड़ा है। तालाबों की भूमि पर कचरा एवं मलबा डालकर उसे पाटने की तकनीकी भूमाफियाओं ने इजाद कर ली है। इसी तकनीकी का इस्तेमाल गिनाणी तालाब को खत्म करने के लिए किया जा रहा है। यहां पर कचरा आदि डाले जाने के साथ ही बारिश के पानी की आवक तालाब में होने के लिए बनाए गए रास्ते को न केवल गंदे नाले में बदल दिया गया है, बल्कि इसी नाले का मुहाना भी तालाब की ओर कर दिया गया है। इसी लोहारपुरा एवं इसके आसपास के क्षेत्रों से आने वाले गंदे पानी को इससे जोड़ते हुए इसका गंदा पानी खतरनाक कचरे के साथ गिनाणी तालाब में छोड़ा जा रहा है। पड़ताल के दौरान सामने आया कि इस तालाब के 25 प्रतिशत से ज्यादा पानी वाले हिस्से में मलबा आदि डालकर सुखाने के बाद वहां पर अवैध रूप से पक्के निर्माण करा दिए गए हैं। पूर्व में सामाजिक संगठनों की ओर से लगभग दो साल पूर्व इसका विरोध भी किया गया था, लेकिन बेपरवाह प्रशासन ने ध्यान हीं दिया। इसकी वजह से अब यह पूरा तालाब खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है।
गिनाणी तालाब की बेशकीमती प्रतिबंधित भूमि पर अवैध रूप से कब्जे की होड़ में भूमाफियाओं की करतूत ने इसके पूरे स्वरूप को बिगाड़ डाला है। इस तालाब में में नाले के माध्यम से छोड़े जा रहे पानी के माध्यम से कचरे भी पूरे तालाब को सुखाने में लगे हुए हैं। इसके चलते गिनाणी के नया दरवाजा की ओर आने वाले रास्ते से लेकर गांधी चौक एवं गिनाणी गली की ओर से आने वाले रास्ते चारों ओर से गिनाणी तालाब का काफी हिस्सा कम हुआ है। पहले तालाब का पानी घाटों के किनारे से होकर इसके ऊपरी सिरे तक को छूता हुआ नजर आता था, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। हालांकि इसमें पानी भरा हुआ जरूर है, लेकिन इसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा का हिस्सा सिर्फ गंदे नाले से आने वाले पानी का है।
जनता बोली…
नाले का गंदा पानी गिनाणी तालाब में छोड़ृा जा रहा है। इसकी वजह से न केवल पूरे इलाका दुर्गन्ध से भरा रहता है, बल्कि गिनाणी तालाब ही पूरा गंदे नाले में बदल दिया गया है। इसके चलते इसके किनारे कई जगहों पर से सूख चुकी है।
मो. अयान, क्षेत्रवासी
कचरा वाला पानी डालकर इस पूरे तालाब को खत्म किया जा रहा है। इस तरह के काम जानबूझकर किए जा रहे हैं। प्रशासन को इसकी जानकारी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। साफ है कि ऐसे लोगों को प्रशासन की शह मिली हुई है।
निसार अहमद, क्षेत्रवासी
आसपास के क्षेत्रों से भी जा रहा गंदा पानी
गिनाणी तालाब के आसपास के क्षेत्रों से भी भारी मात्रा में गंदे पानी की निकासी सीधा गिनाणी तालाब में हो रही है। इसकी वजह से भी कई जगहों पर देखने के दौरान इस तालाब में गंदे पानी की मोटी पर्त जमी नजर आती है। निकासी का अन्य कोई विकल्प नहीं होने के कारण घरों के गंदे पानी की निकासी गिनाणी तालाब में एक आसान जरिया बन चुका है। इसकी कीमत इस पूरे तालाब को चुकानी पड़ रही है।
इनका कहना है…
गिनाणी तालाब के प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की कोई शिकायत भी नहीं आई है। फिर भी इसकी जांच कराकर सही वस्तुस्थिति देख ली जाएगी।
हरदीप सिंह, तहसीलदार नागौर