नागौर. खुली मंडी में मूूंग बेचान करने की अपेक्षा समर्थन मूल्य खरीद केन्द्रों के माध्यम से काश्तकारों में मूंग बेचान करने के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। कारण कि खुली मंडी की अपेक्षा समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल भाव की दर ज्यादा बेहतर मिल रही है। इसके चलते अब समर्थन मूल्य खरीद केन्द्रों में काश्तकारों का जमावड़ा बढऩे लगा है। हालांकि खुली मंडी में भी किसान मूंग का बेचान कर तो रहे हैं, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता अब समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र हो गया है। काश्तकारों के हित का ध्यान रखते हुए क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से स्थापित बड़े खरीद केन्द्रों में अब सोमवार से 1001-100 किसानों को बुलाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है।
समर्थन मूल्य खरीद केन्द्रों पर अब किसानों का जमावड़ा बढऩे लगा है। काश्तकार भी खुली मण्डी की अपेक्षा समर्थन मूल्य केन्द्रों में बेचान करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि गत वर्ष समर्थन मूल्य खरीद केन्द्रों पर इसी नवंबर माह में सन्नाटे की स्थिति बन गई थी। कारण खुली मंडी में मूंग की मूल्य दर समर्थन मूल्य दर से ज्यादा हो गई थी, लेकिन इस बार यह दृष्य बदला हुआ नजर आ रहा है। समर्थन मूल्य केन्द्रों पर मूंग बेचान करने वाले किसानों की लाइनें लगने लगी है। वजह खुली मंडी से करीब आठ सौ से नौ रुपए समर्थन मूल्य पर बेचान करने में प्रति क्विंटल में फायदा हो रहा है। मंडी में काश्तकारों में हनुमानराम, नरेन्द्र कुमार, बलदेवराम, सुगनाराम एवं जीवनराम से बातचीत हुई तो बताया कि इस बार समर्थन मूल्य पर पर अच्छी कीमत मिल रही है, जबकि खुली मंडी में बमुश्किल सात हजार से आठ हजार की दर प्रति क्विंटल पर बेचान करने पर दी जा रही है। इससे बेहतर है कि समय जरूर लगेगा कि बेचान तो समर्थन मूल्य दर पर ही किया जाएगा। इसी लिए टोकन पहले ही ले लिया गया था। अब खुली मंडी में अच्छी दर मिलती तो अब तक पहले ही मूंग का बेचान कर चुके होते। यही वजह रही कि कृषि उपज मंडी परिसर स्थित समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र के माध्यम से अब 820 किसान 36 हजार 644 बैग्स मूंग का बेचान कर चुके हैं। जायल खरीद केन्द्र में इससे बेहतर स्थिति रही है। यहां पर अब तक 892 किसान 39 हजार 810 बैग्स मूंग का बेचान कर चुके हैं। कुल मिलाकर जायल एवं नागौर खरीद केन्द्रों के माध्यम से 76 हजार 454 बैग्स मूंग की खरीद हो चुकी है।
सुविधाएं तो है, 10 दिनों में किसान आकर बेच सकते हैं मूंग
क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों का कहना है कि टोकनधारक किसानों को मैसेज के माध्यम से खरीद तिथि की पूरी जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार उनको फोन पर भी इसकी सूचना दी जाती है। ताकि वह बेचान करने से वंचित न रह सकें। प्रयास किया जा रहा है कि किसानों की ओर से आवंटित तिथि पर ही अपनी मूंग का बेचान कर दिया जाए। इसके बाद भी किसान तय तिथि पर नहीं आ रहा है तो उसे बेचान करने के लिए निर्धारित 10 दिनों की अवधि में केन्द्र के माध्यम से जानकारी देने का काम किया जा रहा है। इसी प्रयासों का नतीजा रहा है कि अब प्रतिदिन बेचान करने वाले काश्तकारों की संख्या बढऩे लगी है।
इनका कहना है…
नागौर एवं जायल के समर्थन मूल्य पर रोजाना 100-100 किसानों को बुलाए जाने का काम सोमवार से शुरू कर दिया गया है। हालांकि आने वाले किसानों की संख्या पहले ही दिन 70-80 रही है, लेकिन इनके पास बेचान करने के लिए कुल 10 दिन का समय रहता है। इस वजह से भी किसान आवंटित तिथि के पश्चात अपनी सुविधानुसार आकर मूंग का बेचान कर रहे हैं।
कमल कुमार, उपरजिस्ट्रार एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी केवीएसएस नागौर