नागौर. विजयदशमी का पर्व गुरुवार को पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह राजकीय स्टेडियम में हुआ। इसे देखने के लिए ं हजारों की भीड़ उमड़ी। इस बार का सबसे खास दृश्य यह रहा कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन पारंपरिक मशाल से नहीं, बल्कि रिमोट कंट्रोल से किया गया। भगवान श्रीराम की आरती के बाद जैसे ही बटन दबाया गया, धमाके के साथ पुतलों में आग भडक़ उठी और कुछ ही मिनटों में ढांचे भर शेष रह गए।
गाजे-बाजे के साथ निकली भगवान श्रीराम की सवारी
समारोह की शुरुआत भगवान श्रीराम की सवारी से हुई। सवारी हाथी चौक से रवाना होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए स्टेडियम पहुंची। गाजे-बाजे और जयघोष के बीच जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों से स्वागत किया। स्टेडियम पहुंचने पर भी पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत हुआ।
अधिकारियों ने दबाए रिमोट
मुख्य मंच पर मौजूद अतिथियों ने रिमोट दबाकर पुतलों का दहन किया। सभापति मीतू बोथरा ने रावण, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कुंभकर्ण और जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने मेघनाद का दहन किया। इस दौरान स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
धमाकों से गूंजा स्टेडियम, आतिशबाजी में नहाया आसमान
पुतलों के दहन से पहले आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन किया गया। तेज धमाकों और रंग-बिरंगी रोशनी से जब आसमान सजा, तो दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए। पूरा स्टेडियम उत्साह और रोमांच से खचाखच भरा नजर आया।
महिषासुर मर्दनी नाटिका रही विशेष आकर्षण
नगरपरिषद की ओर से पहली बार पौराणिक प्रसंगों पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन हुआ। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध का दृश्य इतना प्रभावशाली रहा कि तालियों की गडगड़़ाहट देर तक गूंजती रही। मां दुर्गा की भूमिका निभाने वाली कलाकार ने दमदार अदायगी से दर्शकों को बांधे रखा। इसके साथ ही अन्य पौराणिक प्रसंगों की झलकियां भी प्रस्तुत की गईं।
प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद
दशहरे के इस भव्य आयोजन में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।