कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा का आरोप, किसानों के ठहराव के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं, आंदोलन की चेतावनी
नागौर. कृषि उपज मंडी स्थित समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र में मूंग की खरीद के दौरान एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। इस केन्द्र में मूंग की छनाई करने वाली मशीन खराब पड़ी हुई है। जिसके कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, खरीद केन्द्र के अधिकारियों का कहना है कि यह मशीन गत गुरुवार को खराब हुई थी और उसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस कारण से तोलाई प्रभावित नहीं हुई है और वह पूरी तरह से जारी है, लेकिन फिर भी किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। इसके चलते कृषि मंडी में मूंग लदे ट्रेक्टरों की लंबी लाइन लगी हुई है।
कृषि उपजमंडी स्थित मूंग समर्थन मूल्य केन्द्र में मूंग छनाई करने वाली मशीन ही बाधा बन गई है। किसानों की माने तो पिछले तीन दिनों से यह मशीन खराब है। इसकी वजह से उनको कड़ाके की सर्दी में भी तेज हवाओं के साथ अपनी मूंग खरीद का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इधर समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र के अधिकारियों की माने तो कृषि उपज मंडी की खरीद केन्द्र की क्षमता रोजाना केवल 40-50 किसानों का माल खरीदने की है, लेकिन राजफेड की ओर से रोजाना 200-250 किसानों के टोकन जारी किए जा रहे हैं। जिससे प्रतीक्षा की कतार काफी लंबी हो गई है। इससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है क्योंकि उनको घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस इंतजार के बीच कुछ किसानों की मूंग की गुणवत्ता मापदंडों के अनुसार ठीक नहीं पाई जा रही है, और इसी कारण उनकी खरीद नहीं की जा रही है। वहीं, कई किसानों ने आरोप लगाया है कि खरीद केन्द्र की ओर से उनकी मूंग को खरीदने से इनकार किया जा रहा है। हालांकि, खरीद केन्द्र के अधिकारी यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि अब गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और केवल मापदंडों पर खरी उतरने वाली मूंग ही खरीदी जाएगी। इस मामले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने आरोप लगाया है कि मंडी में मशीन के खराब होने के बावजूद किसानों के लिए कोई ठहराव की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। बांगड़ा ने कहा कि सर्दी के मौसम में किसानों को खुले में खड़ा करना उनकी स्थिति को और भी खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शनिवार से मूंग की खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, और मशीन ठीक नहीं होती, तो फिर किसान मजबूरन आंदोलन करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष बागड़ा का यह भी कहना था कि सरकार को इस स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और किसानों की समस्याओं का समाधान तत्काल किया जाना चाहिए। बांगड़ा ने चेतावनी दी कि आंदोलन के लिए किसानों को संगठित किया जाएगा।