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VIDEO…गणेश चतुर्थी की तैयारियां हुई तेज, बदलने लगा शहर

नागौर. गणेश चतुर्थी महोत्सव शुरू होने में अब केवल एक दिन का समय शेष रह गया है। गणपति मूर्ति एवं पूजन के साथ ही स्थापना को लेकर तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। चौराहों पर अब मूर्तियों को रंगते हुए कलाकार भी नजर आने लगे हैं। इसकी वजह से चौराहों का रंग गणपति के रंग […]

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नागौर. गणेश चतुर्थी महोत्सव शुरू होने में अब केवल एक दिन का समय शेष रह गया है। गणपति मूर्ति एवं पूजन के साथ ही स्थापना को लेकर तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। चौराहों पर अब मूर्तियों को रंगते हुए कलाकार भी नजर आने लगे हैं। इसकी वजह से चौराहों का रंग गणपति के रंग में रंगने लगा है। मूर्तियां 800 से लेकर 45 हजार तक की मिल रही है। यानि की एक फीट से लेकर 10 फीट तक की। मूर्ति बेचने वालों का कहना है कि प्रति फीट इसकी कीमत बढ़ती जाती है। जितनी ऊंची मूर्ति होगी, उतनी ज्यादा इसकी कीमत रहेगी।
पंद्रह साल से मूर्तियों में भरते चले आ रहे रंग
मूण्डवा चौराहे पर मिले पेमाराम ने बताया कि वह पाली जिले के रहने वाले हैं। लगभग पंद्रह साल पहले नागौर आ गए थे, तभी से देवी-देवताओं की मूर्तियां सांचे में बनाकर बेचने का काम कर रहे हैं। इन्होंने कहा कि सीजन में अच्छी बिक्री हो जाती है, लेकिन सीजन समाप्त होने के बाद सब ठंडा हो जाता है। कहने का अर्थ है कि फिर तो यदा-कदा ही इसके खरीदार आते हैं। गणपति महोत्सव आने के साथ ही नवरात्रि आदि में दुकान पर खासी व्यवस्तता बढ़ जाती है। इन्होंने बताया कि मेरी दुकान में आठ सौ से लेकर 45 व 50 हजार तक की मूर्ति मिल जाएगी, बशर्ते कीमत अच्छी मिले। अक्सर यह लोगों की मांग के अनुसार ही मूर्ति तैयार करते हैं।
मूर्ति रंगने में तीन से चार घंटे लगते हैं
इसी तरह मानासर चौराहे पर मूर्ति की बिक्री कर रहे राजू ने बताया कि पिछले दस साल से नागौर में मूर्ति बेचने का काम कर रहे हैं। मूर्ति छोटी लेंगे तो कम कीमत में मिल जाएगी, और बड़ी लेंगे तो फिर आपको उसकी कीमत हजारों में चुकानी पड़ेगी। इन्होंने बताया कि एक मूर्ति को केवल रंग भरने में ही चार से पांच घंटे तो न्यूनतम लगते हैं, नहीं तो बड़ी मूर्ति होने की स्थिति में तीन से चार दिन तक लग जाते हैं। कहते हैं कि रंग जरा सा भी इधर, उधर हो जाए तो फिर मूर्ति लोग नहीं लेते हैं। इसलिए इसका ध्यान रखना पड़ता है। हालांकि पंद्रह से बीस हजार में अच्छी मूर्ति मिल जाती है। ज्यादातर लोग दस से 12 हजार तक की मूर्ति ही खरीदकर ले जाते हैं। दुकानों पर गुरुवार को कई लोग मूर्तियां खरीद कर ले जाते नजर आए।
बाजार का बदलने लगा रंग
गणपति महोत्सव के महज एक दिन शेष रहने से बाजारों का रंग अब बदलने लगा है। दुकानों पर गणपति की सोने, चांदी की प्रतिमाओं के साथ ही अन्य धातुओं में आकर्षक एवं छोटी प्रतिमाएं भी नजर आने लगी हैं। इसके साथ ही गणपति की पोशाक भी दुकानों पर अब श्रद्धालुओं को लुभाती हुई नजर आ रही है। पोशाक भी एक हजार से लेकर चार से पांच हजार तक की मिल रही है, लेकिन यदि मूर्ति बढ़ी है तो फिर इसकी कीमत बढ़ जाती है।