12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

कुम्भकर्ण, मेघनाद, अहिरावण वध, सती सुलोचना प्रसंग का मंचन…VIDEO

नागौर. बंशीवाला मंदिर परिसर में चल रही रामलीला में सोमवार को कुम्भकर्ण, मेघनाद, अहिरावण वध, सती सुलोचना प्रसंग को देखकर श्रद्धालु रोमांचित रहे। संजीवनी बूटी मिलने के बाद मुर्छा से जागे लक्ष्मण एवं मेघनाद का घनघोर युद्ध हुआ। इस दौरान मेघनाद युद्ध में अपनी विजय की कामना से कुलदेवी के पूजन के लिए पहुंचा तो […]

Google source verification

नागौर. बंशीवाला मंदिर परिसर में चल रही रामलीला में सोमवार को कुम्भकर्ण, मेघनाद, अहिरावण वध, सती सुलोचना प्रसंग को देखकर श्रद्धालु रोमांचित रहे। संजीवनी बूटी मिलने के बाद मुर्छा से जागे लक्ष्मण एवं मेघनाद का घनघोर युद्ध हुआ। इस दौरान मेघनाद युद्ध में अपनी विजय की कामना से कुलदेवी के पूजन के लिए पहुंचा तो लक्ष्मण ने वाणों की बौछार कर दी। मंचित दृश्य के दौरान हनुमान ने जब लक्ष्मण से कहा कि इसका पूजन सफल हो गया तो फिर इसे कोई नहीं हरा पाएगा। यह सुनकर लक्ष्मण ने लगातार वाण मेघनाद को लक्ष्य कर चलाए। घायल मेघनाद का पूजन क्रम भंग हुआ तो फिर दोनो के बीच छिड़े महायुद्ध में मेघनाद मारा गया। इस दौरान कुम्भकर्ण आया तो हजारों की संख्या में वानर उसके पैरों तले कुचलकर मारे गए। इस दौरान कुम्भकर्ण के अभिनय और राम से हुए संवाद को देखकर दर्शक श्रद्धा के रंग में रंगे नजर आए। युद्ध में कुम्भकर्ण भी मारा गया। इन तीनों के मारे जाने के बाद रावण पाताल लोक में अहिरावण के पास पहुंचा। अहिरावण ने राम एवं लक्ष्मण को अपनी मायाजाल के माध्यम से पाताल लोक लेेकर पहुंचा। इसका पता चलने पर पहुंचने हनुमान का मकरध्वज से घनघोर मल्लयुद्ध हुआ। तत्पश्चात अपने पंचमुखी रूप में आए हनुमान ने अहिरावण का वध किया, और राम-लक्ष्मण को लेकर वापस पहुंचे। इस पूरे पौराणिक दृश्य मंचन के दौरान श्रद्धालु इसके समाप्त होने तक बैठे नजर आए।