नागौर. राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ की ओर से गत तीन माह से चल रहा कार्य बहिष्कार मंगलवार को समाप्त हो गया। सहकारी सेवा समिति की ओर से गत 11 जुलाई से बीमा कमीशन आने के बाद भी समिति का हिस्सा नहीं दिए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया जा रहा था। इस संबंध में मंगलवार को द नागौर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक गांधी चौक में अतिरिक्त रजिस्ट्रार, बैकिंग संजय पाठक एवं द नागौर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक दीपक के साथ संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मांगों चर्चा के पश्चात तय किया गया कि 14 सितंबर तक मांगों की पूर्ति कर दी जाएगी। अतिरिक्त रजिस्ट्रार, बैकिंग संजय पाठक ने कहा कि ऋणमाफी 2018 का 30 सितम्बर 2017 से समिति के खातों में ऋणमाफी की राशि के समायोजन के अन्तराल समय में समिति के ऋण खातों पर लगाये गये ब्याज की वसूली समितियों से की जा चुकी है। ब्याज के संबंध में जो राशि होती है। उसे बैंक प्रशासक के समक्ष विचारार्थ प्रस्ताव में लिया जाएगा। तत्पश्चात समिति के बचत खाते में जमा कर दी जाएगी। अल्पकालीन फसली ऋण के अन्तर्गत ऋण खातों पर लगने वाले अनावधिपार ब्याज को 31 मार्च एवं 30 सितम्बर को पृथक बीजीएल मद इंटरेस्ट रिसीवएबल में जमा किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार से क्लेम प्राप्त होने पर नियमानुसार मद एवं समिति के बचत खातों में जमा किया जाएगा। गत 31 मार्च एवं पूर्व में समितियों पर प्रभारित ब्याज पांच प्रतिशत में से भुगतान की जा चुकी राशि को घटाए जाने के पश्चात शेष राशि समितियों के बचत खाते में जमा कर दी जाएगी। समिति को देरी से दी गई जमा को देखते हुए ब्याज प्रभारित किए जाने की तिथि से राशि समिति के खाते में जमा होने की तिथि तक का ब्याज भी समिति के बचत खाते में जमा दिया जाएगा। समिति के ऋण पहनुपात से अधिक हिस्सा राशि समिति को 40 प्रतिशत बचत खाते एवं 60 प्रतिशत सावधि खाते में जमा की जाएगी। संघ ने चेताया कि तय समय तक इन मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो फिर पंद्रह सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष भंवराराम चौधरी, कोषाध्यक्ष बलदेवाराम जाट, सचिव राजूराम गावडिय़ा एवं उपाध्यक्ष हीरालाल रुलानिया आदि मौजूद थे।